टूंडला। आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जन्मजयंती धूमधाम से मनाई गई। शुक्रवार को महर्षि वाल्मीकि की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में एक दर्जन आकर्षक झांकियां निकाली गईं। शोभायात्रा का शुभारंभ समाज के बुजुर्ग सुनहरीलाल मेवाती व बाबूलाल एमएलए ने महर्षि वाल्मीकि की आरती उतारकर व फीता काटकर किया।
वाल्मीकि शोभायात्रा शुक्रवार शाम सात बजे कच्चा टूंडला स्थित शिव मंदिर से प्रारंभ हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे गणेशजी, राम दरबार, राधा-कृष्ण, काली का अखाड़ा, डॉ. भीमराव आंबेडकर, वाल्मीकि के साथ लवकुश व सीता की झांकी थी। अंत में महर्षि वाल्मीकि, लवकुश व सीता के स्वरूपों का मुख्य डोला था, जिसके आगे बैंड मधुर धुन छोड़ता हुआ चल रहा था। जहां युवा बैंड की धुन पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। वहीं महिलाएं मंगलगान करतीं हुई चल रहीं थीं।
शोभायात्रा कच्चा टूंडला से एमपी रोड, तेल मिल रोड, स्वामी विवेकानंद चौक, रामलीला मैदान, मुख्य बाजार होते हुए दीपा का चौराहे होती हुई वाल्मीकि आश्रम फ्रेंड्स क्लब पर समाप्त हुई। शोभायात्रा में वाल्मीकि शोभयात्रा के संयोजक मुकेश मेवाती, अध्यक्ष शैलेंद्र वाल्मीकि, महामंत्री सोनू वाल्मीकि, कोषाध्यक्ष गोलू वाल्मीकि, बसंतलाल खरे, लालजीत मेवाती, सतीश प्रसाद पाथरे, जयकुमार, सुरेंद्र पाथरे, राकेश खरे, राजमोहन खरे, राजेंद्र प्रसाद आदि थे।