टूंडला एटारोड से गुजरते महंत सुदेश तहलकासंवाद
- फोटो : टूंडला एटारोड से गुजरते महंत सुदेश तहलका संवाद
टूंडला। भक्ति मार्ग पर श्रद्धा के पांव कभी थकते नहीं हैं, इसका जीवंत उदाहरण बरेली के रहने वाले एक महंत ने पेश किया है। देश में अमन-चैन और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर पिछले साढ़े तीन दशकों से शिव मंदिरों की पैदल यात्रा कर रहे सुदेश तहलका मंगलवार को टूंडला पहुंचे, जहां से वे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए रवाना हुए।
बरेली के राजेंद्र नगर निवासी महंत सुदेश तहलका (55) ने अपनी विशेष कांवड़ पदयात्रा की शुरुआत 4 मार्च को की थी। वे हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा पर निकले हैं। मंगलवार दोपहर को वे टूंडला पहुंचे और अल्प विश्राम के बाद उज्जैन के लिए अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया। उन्होंने बताया कि इस लंबी यात्रा का समापन उज्जैन में भगवान महाकाल पर गंगाजल अर्पित करने के साथ होगा।
महंत सुदेश तहलका के लिए यह कोई पहली यात्रा नहीं है। वे पिछले 35 वर्षों से लगातार विभिन्न ज्योतिर्लिंगों और प्रसिद्ध शिव मंदिरों की पदयात्रा कर रहे हैं। पिछले वर्ष उन्होंने भगवान बैजनाथ धाम में जल चढ़ाया था। उनकी इस कठिन साधना का एकमात्र उद्देश्य निजी स्वार्थ नहीं, बल्कि देश की उन्नति और समाज में खुशहाली की कामना करना है।