फिरोजाबाद। फिरोजाबाद लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने अपना प्यार निर्दलीयों पर भी लुटाने का काम किया। 1957 में जब यह लोकसभा सीट अस्तित्व में आई तो ठाकुर ब्रजराज सिंह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे और यहां की जनता ने उन्हें संसद पहुंचाने का काम किया। यही स्थिति 1980 के चुनाव में देखने को मिली थी। इस चुनाव में इस लोकसभा सीट से राजेश कुमार सिंह संसद की दहलीज तक पहुंचने में सफल रहे थे। यह फिरोजाबाद लोकसभा सीट की जनता है जिनसे फर्श पर पड़ी कांग्रेस को 2009 के उपचुनााव में इतना प्यार दिया कि प्रत्याशी लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे।फिरोजाबाद लोकसभा सीट की बात करें तो इस लोकसभा सीट के मतदाताओं का मिजाज अलग ही रहा है। लोकसभा सीट के इतिहास पर यदि नजर डालें तो आजादी के बाद आगरा पूर्वी के नाम से सीट को पहचान मिली। क्योंकि फिरोजाबाद उस समय आगरा जिले की एक तहसील हुआ करती थी। 1952 का चुनाव इस सीट से कांग्रेस के चौधरी रघुवीर सिंह जीते थे, लेकिन 1957 के फिरोजाबाद लोकसभा सीट जब अस्तित्व में आ गई और चुनाव हुआ तो इस सीट के मतदाताओं ने पहला चुनाव निर्दलीय ठाकुर ब्रजराज सिंह को जिताकर लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में पहुंचाने का काम किया था। उन्होंने कांग्रेस के चौधरी रघुवीर सिंह को करीब 23 हजार मतों से पराजित किया था।
फिरोजाबाद के मतदाताओं ने 1980 में भी अपने इस इतिहास को फिर से दोहराने का काम किया था। इस चुनाव में निर्दलीय मैदान में उतरे राजेश कुमार सिंह को निर्दलीय चुनाव जीत गए थे। निर्दलीय राजेश को 39.45 प्रतिशत वोट पाकर चुनाव जीते थे। जिन रामजीलाल सुमन ने 1977 में संसद पहुंचे थे उन्हें इस क्षेत्र की जनता ने तीसरे स्थान पर पहुंचाने का काम किया था। सुमन को 18.54 प्रतिशत मत मिलने के साथ वह तीसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस प्रत्याशी आजाद कुमार कर्दम इस चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे। कर्दम को 88122 वोट मिले थे।
1957 के लोकसभा चुनाव
जीते
-ब्रजराज सिंह-निर्दलीय -104617 -48.34 प्रतिशत
हारे
-चौधरी रघुवीर सिंह -कांग्रेस- 81722- 37.75 प्रतिशत
1980 के चुनाव में...
जीते-राजेश कुमार सिंह-निर्दलीय-110208-39.45 प्रतिशत
हारे-आजाद कुमार कर्दम-कांग्रेस-88122-31.54 प्रतिशत