लोहिया गांव के विकास के प्रति अधिकारी गंभीर दिखाई नहीं देते। गांवों का चयन हुए करीब डेढ़ माह से अधिक समय बीत गया लेकिन अभी तक विकास का प्रस्ताव तैयार करके नहीं दिया। सीडीओ कर्मेंद्र सिंह ने प्रस्ताव नहीं देने वाले विभागाध्यक्षों को शीघ्र प्रस्ताव देने के आदेश दिए हैं जिससे शासन से धनराशि की डिमांड की जा सके।
डा.राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम्य विकास योजना के तहत गांव का विकास कराने का काम सपा के शासन में किया गया। गांवों का चयन क्षेत्रीय विधायक की पहल पर जिले के प्रभारी मंत्री के द्वारा किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के 24 गांवों का चयन यूं तो जिला प्रशासन ने 31 मार्च को ही कर लिया था। गांवों का चयन होने के साथ डीएम निधि केसरवानी ने सभी विभागाध्यक्षों को प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव देने के आदेश दिए थे। लेकिन पंचायती राज विभाग द्वारा लोहिया गांवों की गलियों में सीसी निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव अभी तक नहीं दिया है। पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा लोहिया गांव की ओर जाने वाले मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव तथा विद्युत विभाग की ओर से इनमें से कितने गांवों में विद्युतीकरण है और कितने में नहीं इसका प्रस्ताव एक्सईएन विद्युत ने नहीं दिया। परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण तथा समाज कल्याण विभाग ने अभी तक गांव के विकास का खाका नहीं खींचा है।
इन गांवों के विकास का खींचना था खाका
शिकोहाबाद ब्लाक में नावली, किशनपुर अरमराजट, ऊबटी, हैबतपुर कर्खा, जलालपुर मरघटी, फीरोजाबाद ब्लाक में बैंदी, भीकनपुर सदासुख, मदनपुर ब्लाक के गांव मोहम्मदपुर नादई, मल्हापुर शाहजहांपुर, भदान, अरांव ब्लाक में दयामई माड़ई, सिरौलिया, हाथवंत ब्लाक में नंदपुर, रीवा, नगला सुखी, एका ब्लाक में ईखू, धर्मपुर, निनावली व नारखी ब्लाक में डौरी, मोईनउद्दीनपुर, नगला राधे, कछपुरा, जशरथपुर पानी गांव तथा टूंडला ब्लाक का मात्र एक गांव जारखी को शामिल किया है।
लोहिया गांव के विकास का जिन विभागों ने प्रस्ताव नहीं दिया है। उनको शीघ्र ही रिमाइंडर भेजा जाएगा। शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा जाएगा, ताकि लोहिया गांवों का समय से विकास हो सके।
कर्मेंद्र सिंह, सीडीओ फीरोजाबाद।