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मंडियों में नया गेहूं आने के साथ घट गई आटे की रेट

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आटे के किल्लत हुई दूर, दाम भी गिरे - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। किसानों के गेहूं खरीदने का समर्थन मूल्य भले ही प्रदेश सरकार ने 1925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हो लेकिन किसान 2050 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आढ़तियों को गेहूं बेच रहे हैं। किसानों का गेहूं बाजार में आते ही बाजार में आटे के भाव भी 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल आ गए हैं।
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मंडियों में किसानों का गेहूं आना शुरू हो गया है। सरकार की ओर से किसानों के गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर दिया गया है। कोटला रोड में स्थित मंडी प्रांगण में किसान सरकारी खरीद केंद्र के स्थान पर आढ़तियों के यहां बिक्री कर रहे हैं। यहां दो हजार से लेकर 2050 रुपया प्रति क्विंटल की दर से खरीदारी की जा रही है। नया गेहूं आने के साथ बाजार में आटे की कीमत कम हो गई है।
-गल्ला मंडी में आटे के थोक व्यापारी अभिषेक जैन ने कहा कि पिछले तीन से चार दिनों में आटे के दाम कम हुए हैं। गुणवत्ता वार आटा 2400 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल तक उपलब्ध है। चोकर (भूसी) को निकाल दें तो क्वालिटी अच्छी हो जाती है। यह चोकर (भूसी) 1700 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकती है। इस कारण आटे की कीमत चार सौ पांच सौ रुपये तक महंगी रहती है।
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-आटा व्यापारी सोमदत्त गुप्ता ने कहा कि गेहूं के बाद पिसाई से लेकर पैकिंग के काम से ढाई से तीन रुपये तक का खर्चा आ जाता है। इसके साथ एक क्विंटल पर करीब चार से पांच किलोग्राम सूख जाने के कारण कम होता है। गेहूं एवं आटे को पहुंचाने, पल्लेदारी का खर्चा मिलाकर चार रुपये तक खर्च बढ़ता है।
मंडी में किसानों के नए गेहूं आने के साथ बाजार में आटे के भाव गिरना शुरू हो गया है। पहले आटा 2600 से 2700 रुपये तक बिक रहा था लेकिन अब थोक में आटे का भाव 2300 व फुटकर में 2400 रुपये तक हो गया है।
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रामकुमार मंडी सचिव
नवीन मंडी कोटला रोड फिरोजाबाद।
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