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हर्ष तिवारी हत्याकांड में एक को उम्र कैद

Sat, 06 Dec 2014 12:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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कांग्रेस नेता हर्ष कुमार तिवारी हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश बृजमोहन गुप्ता ने एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनातेे हुए 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
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थाना उत्तर क्षेत्र के मोहल्ला शिवनगर जलेसर रोड निवासी हर्ष तिवारी के पुत्र
प्रशांत तिवारी ने 26 अगस्त 2005 को उत्तर पुलिस में मुकेश गुप्ता, ऋषि गुप्ता, चानू सैनी और देश दीपक यादव के खिलाफ पिता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। मुकेश गुप्ता की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। अभियोजन की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह यादव व मकरंद सिंह यादव की ओर से न्यायालय में साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश बृजमोहन गुप्ता ने ऋषि गुप्ता को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 20 हाजर रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास काटना होगा। देश दीपक यादव द्वारा हाईकोर्ट से स्टे तथा चानू सैनी की फाइल अलग होने के कारण इन दोनों के खिलाफ कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

काफी हाई प्रोफाइल था मामला
फीरोजाबाद। हर्ष तिवारी की छवि जनपद के प्रमुख जुझारू कांग्रेस नेता के रूप में थी। वर्ष 2005 में जब गोली मार कर तिवारी की हत्या की गई थी तब पूरा जनपद सन्न रह गया था। आरोपियों में जो नाम सामने आए वह भी काफी हाई प्रोफाइल थे। मुख्य आरोपी मुकेश गुप्ता उस समय सपा का सक्रिय नेता था। सपा के मंचों से उस समय मुकेश गुप्ता ने पार्टी के दिग्गज नेताओं को सोने की साइकिलें तक भेंट की थी और यूथ बिग्रेड का वह पदाधिकारी भी रहा। शहर के एक प्रमुख उद्योगपति के अपहरण के मामले में हुई एक करोड़ की फिरौती में जब पहली बार मुकेश गुप्ता का नाम सामने आया तब राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया था। मोहन डॉन गैंग का मुकेश गुप्ता सरगना बन बैठा था। कई मामलों में नाम आने के बाद लखनऊ में एसटीएफ ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया।
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दिल्ली बैंक डकैती कांड का आरोपी है ऋषि
फीरोजाबाद। ऋषि गुप्ता भी मुकेश गुप्ता के साथ काम करता था। मुकेश गुप्ता का एनकाउंटर होने के बाद ऋषि ने कमान संभाल रखी थी। ऋषि और मुकेश दोनों ही शहर के मोहल्ला शिव नगर के रहने वाले थे। वर्ष 2006 में ऋषि गुप्ता का नाम विकास पुरी दिल्ली बैंक डकैती कांड में सामने आया था। इस बैंक में 40 लाख की डकैती पड़ी थी। दिल्ली के एक बिल्डर खलील मामा की हत्या में भी ऋषि का नाम आया। इन दोनों मामले में ऋषि तिहाड़ जेल में है। तिहाड़ से ही ऋषि यहां पेशी पर आया था।

अब तिवारी का बेटा है कांग्रेस का जिलाध्यक्ष
हर्ष तिवारी के पुत्र हरीशंकर तिवारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पद पर हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में न्यायालय ने जो फैसला सुनाया है उसका वह सम्मान करते हैं। उनके परिवार को अब न्याय मिल पाया है।
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