यातायात पुलिस की लापरवाही से सुहाग नगरी की सड़कों पर हर रोज लंबा-लंबा जाम लग रहा है। स्कूल आनेजाने वाले बच्चे घंटों जाम में फंसे रहते हैं। बावजूद इसके प्रशासन ने अभी तक जाम से निपटने को कोई इंतजाम नहीं किया। शहर का शायद ही कोई चौराहा या सड़क होगी, जहां पर जाम न लगता हो। बुधवार को भी शहर में लोगों को जाम के झाम से दो-चार होना पड़ा।
बुधवार को जलेसर रोड चौराहा से लेकर सेंट्रल चौराहा तक जाने वाली सड़क पर घंटों तक जाम लगा रहा। स्कूली बच्चों से लेकर एंबुलेंस तक जाम में फंस गई। मरीजों को हास्पिटल जाना था, लेकिन जाम के कारण एंबुलेंस में मरीज दर्द से कराहते रहे। स्कूल से अपने बेटे को लेने गए प्रवीन कुमार 11:45 बजे तिलक नगर से निकले। चौराहे से आगे बढ़े ही थे कि जलेसर रोड चौराहा से सेंट्रल चौराहा जाने वाली पूरी सड़क जाम मिली। किसी तरह जलेसर रोड से हाईवे सर्विस रोड पहुंचे तो आगे आर्य नगर के पास फिर जाम मिल गया। वहां से करीब 1:15 बजे स्कूल पहुंचे। इसी तरह से सुनील जैन, राहुल गुप्ता समेत अन्य अभिभावक भी जाम में फंस गए। इस कारण स्कूल से बच्चों को लाने में भी काफी देरी हो गई। इस जाम में विकास भवन के अधिकारी भी फंस गए।
खराब ट्रैफिक लाइटें बनी सिरदर्द
जिले में ट्रैफिक कंट्रोल करने लिए कई चौराहों पर सिग्नल लाइटें लगाई गई है। मगर, ट्रैफिक पुलिस के लिए यातायात कंट्रोल करने को यह ट्रैफिक लाइटें ही सिरदर्द बनी हुई है। अधिकतर लाइट खराब पड़ी हैं, जिस कारण यातायात खुद व खुद निकलने लगता है।