Justice after 12 years: Police's fabricated case dismissed.
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फिरोजाबाद। झूठे मुकदमे का दंश झेल रहे एक बेगुनाह को 12 साल बाद आखिरकार अदालत से न्याय मिल ही गया। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) कोर्ट-10 के पीठासीन अधिकारी निर्दोष कुमार की अदालत ने नारखी पुलिस की फर्जी थ्योरी को खारिज करते हुए अभियुक्त जंगपाल निवासी नगला मुरली को बुधवार को बरी कर दिया।
12 दिसंबर 2014 को नारखी पुलिस ने जंगपाल को चेकिंग के दौरान गिरफ्तार करना और उससे 150 ग्राम डायजापाम पाउडर बरामदगी का दावा करते हुए केस बनाया था। लेकिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस का यह कागजी किला ढह गया। अदालत में न तो पुलिस कोई स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी गवाह पेश कर सकी, न ही मालखाना रजिस्टर और नमूना मोहर दिखा पाई। पुलिसकर्मियों के बयानों में भी भारी विरोधाभास पाया गया। अदालत ने पुलिस की सरसरी और लचर विवेचना पर सवाल उठाते हुए जंगपाल को दोषमुक्त कर दिया।