टूंडला। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर निरीक्षण करने आई मंडल स्तरीय टीम को निरीक्षण कराने के चक्कर में चिकित्सकों ने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया। इस दौरान एक गर्भवती महिला को पांच घंटे तक एक कमरे में दर्द से तड़पने के लिए छोड़ दिया। जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया तो परिजन उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए।
शुक्रवार को आगरा के एत्मादपुर निवासी सोहेल की पत्नी नरगिस को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे सुबह पांच बजे के करीब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टूंडला लेकर आए। चिकित्सकों ने भी दो से तीन घंटे में प्रसव होने की बात कहते हुए वार्ड में शिफ्ट कर दिया, लेकिन इसी दौरान कायाकल्प की टीम सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंच गई।
टीम करीब डेढ़ से दो घंटे तक लेबर रूम में ही निरीक्षण करती रही। इसके चलते प्रसूता का प्रसव नहीं हो सका। दर्द से तड़पता देख परिजन कई बार स्टाफ के पास प्रसव कराने की फरियाद लेकर पहुंचे, लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। धैर्य जवाब देने लगा तो परिजन उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए।
ऐसा संभव नहीं है कि अस्पताल में प्रसूता दर्द से तड़पती रहे और उसका प्रसव न कराया जाए। किसी परिजन ने भी शिकायत नहीं की है। ऐसा मामला भी संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसा हुआ है तो गलत है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी तथा दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संजीव वर्मा, अधीक्षक, सीएचसी, टूंडला।