टूंडला। धनगर महासभा महापंचायत गांव उम्मरगढ़ रामगढ़ में हुई। पंचायत में आगामी पीढ़ी के हकों को बचान के लिए संघर्ष करने को कहा। इसके साथ ही सरकार धनगरों के हक को न दे तो अन्य दलों का सहयोग करने का एलान किया।
महापंचायत में मुख्य अतिथि धनगर महासभा की प्रदेश अध्यक्ष भंवर सिंह धनगर एडवोकेट ने कहा कि धनगर समाज प्रदेश में बड़ी आबादी में बसता है। पशुधन से जीवन यापन करने वाले गड़रिया कहलाते हैं। आजादी से पूर्व शैक्षिक आर्थिक सामाजिक रूप में कमजोर जातियों को आरक्षण दिया गया है। धनगर जाति एससी में दर्ज है तो धनगर समाज कई दशकों से दबे हक को मांग रहा है। प्रदेश के मुखिया ने भी धनगरों को जाति प्रमाण पत्र तहसीलों से निर्गत करने के शासनादेश कर दिए हैं, किंतु प्रशासन उनके प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा कि उन्हें समाज के राजनेता के भरोसे नहीं बैठना है। एकजुट होकर प्रमाण पत्र पाने का बिगुल फूंकना होगा। संरक्षक लक्ष्मण सिंह धनगर ने कहा कि धनगर जागो अभी नहीं जागे तो वह नई पीढ़ी का अस्तित्व हक खतरे में आ जाएगा। महापंचायत में अनिल धनगर, राकेश धनगर, श्रीनिवास हरेंद्र सिंह धनगर, कालीचरण, विनोद धनगर, सुनील धनगर, संजय धनगर, प्रियंका धनगर, विनीता धनगर, राजन सिंह धनगर, ममता धनकर, निशा धनगर, प्रशांत धनगर, योगेंद्र धनगर, अंजलि धनगर, नेमा धनगर, आकाश धनगर मौजूद रहे।