फिरोजाबाद। देश, दुनिया के कई हिस्सों में कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है। संभावित लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। जनपद में यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है तो स्वास्थ्य विभाग ने उसे हराने की तैयारी कर ली है। जिले में 501 बाल रोग विशेषज्ञ की टीम तैयार कर ली गई है। इसमें डॉक्टर, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय भी शामिल हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की कमी के कारण अन्य विशेषज्ञों को पीडियाट्रिक का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शुक्रवार को अंतिम बैच को मॉकड्रिल कराई गई।
विशेषज्ञों की चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गईं थी, क्योंकि बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक जनपद में सिर्फ तीन थे। पीडिट्रिया वार्ड में कार्य करने अन्य स्टाफ की संख्या में बहुत कम थी। शासन के निर्देशन पर जनपद में अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक, स्टाफ, वार्ड ब्वाय को प्रशिक्षण दिलाया गया। इसमें 106 चिकित्सकों ने बाल रोग विशेषज्ञ का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इसमें मेडिकल कॉलेज के 61 और सीएमओ के अधीन 45 चिकित्सकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसी तरह 254 स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें मेडिकल कॉलेज में 209 और सीएचसी पर तैनात 45 स्टाफ नर्स ने प्रशिक्षण पूरा किया। मेडिकल कॉलेज के 141 वार्ड ब्वाय को भी बाल रोग से संबंधित प्रशिक्षण की जानकारी दी गई। इनको पदों के हिसाब से बच्चों की देखभाल, इलाज, दवा की डोज, ऑक्सीजन की उपलब्धता, नली और इंजेक्शन लगाने से लेकर वेंटिलेटर आदि का प्रशिक्षण दिया गया।
अन्य संसाधन जुटाने में लगा स्वास्थ्य विभाग
तीसरी लहर के आने की आंशका के मद्देनजर दो ऑक्सीजन प्लांट शिकोहाबाद और जसराना अस्पतालों में लगाए जा रहे हैं। वेंटिलेटर से लेकर आईसीयू जल्द आने हैं। इसी तरह अन्य उपकरण की डिमांड भी शासन को भेजी है, जो अगस्त माह तक आने की पूरी संभावना है।
बच्चों के लिए 268 से अधिक पलंग तैयार
जनपद में पीकू वार्ड बनाए गए हैं। इसमें संयुक्त अस्पताल, सीएचसी जसराना, एका, जाटऊ, सिरसागंज में 68 पीकू पलंग तैयार किए गए हैं। इसमें आठ आईसीयू के पलंग भी शामिल हैं। इसी तरह मेडिकल कॉलेज में 30 प्री-कोविड पलंग बच्चों के लिए आरक्षित किए हैं। 100 पीकू वार्ड के लिए मेडिकल कॉलेज में आरक्षित किए हैं। 16 वेंटिलेटर पलंग अलग से लगाए गए हैं। कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद बच्चों में कोविड के लक्षण होते हैं तो उनके लिए 100 पलंग का कोविड वार्ड तैयार किया जाएगा।
बाल रोग विशेषज्ञ की टीम
- चिकित्सक- 106
- स्टाफ नर्स- 254
- वार्ड ब्वाय- 141