हंस जयंती के उपलक्ष्य में मानव उत्थान सेवा समिति आसफाबाद शाखा के तत्वावधान में विशाल सद्भावना संत सम्मेलन का आयोजन आसफाबाद स्थित तनु पैलेस में किया गया। जिसमें सतपाल महाराज के शिष्य अंबालिका बाई, संत सुधा बाई एवं मदालसा बाई ने प्रवचन किए।
कार्यक्रम की शुरुआत साध्वी अंबालिका बाई ने सद्गुरु भगवान की छवि के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। अंबालिका बाई ने कहा कि जब संसार में अधर्म बढ़ता है तब तब धर्म की स्थापना करने के लिए संसार में परमपिता परमात्मा शरीर धारण कर आते हैं। उन्होंने कहा कि आज के हर इंसान को सद्गुरु की शरण में आकर सेवा करके मानव जीवन को सफल बनाना चाहिए। साध्वी जानकी बाई ने कहा कि हमें गुरुओं का हमेशा सम्मान करना चाहिए। साध्वी सुधा बाई ने कहा कि संत मिलन को चलिए तज माया अभिमान, ज्यो ज्यो पग आगे धरै, कोटि न यज्ञ समान। उन्होंने कहा कि संतों के दर्शन करने के लिए माया और अभिमान को त्याग कर चलना चाहिए। संत मदालसा बाई ने कहा कि संसार में जब भी मानव ने भगवान का दर्शन किया तो आत्मज्ञानी संतों की कृपा से ही किया। जैसे भक्त प्रहलाद, शबरी, मीरा बाई ने किया। कार्यक्रम में मनोज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, विनोद कुमार, भगवान, महेंद्र कुमार, देवकीनंदन, संतोष कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।