फिरोजाबाद। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं मातृ एवं शिशु कल्याण राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज स्थित ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ट्रॉमा सेंटर एवं वार्ड संख्या एक के शौचालय में गंदगी देख मंत्री का पारा चढ़ गया। सीएमएस से जवाब तलब किया। उन्होंने प्राचार्य को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कोविड के लिए मिले बजट में कितना खर्च किया इसका ब्योरा मांगा।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग दोपहर को सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। ट्रॉमा सेंटर के निरीक्षण के बाद उनका रुख शौचालय की ओर हुआ तो बदबू आते देख मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीएमएस के साथ कॉलेज की प्राचार्य से साफ कहा कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान शौचालयों की साफ-सफाई के निर्देश दिए गए थे। फिर भी ध्यान नहीं दिया। प्राचार्य से कहा कि जिसकी लापरवाही है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने अस्पताल के वार्ड संख्या दो में महिला प्रसूताओं से बातचीत की। वार्ड संख्या तीन में पहुंचे। इसके बाद एसएनसीयू वार्ड में भर्ती बच्चों को देखने के लिए पहुंचे। राज्यमंत्री ने वार्ड संख्या एक में भर्ती मरीजों से बातचीत की। इसके बाद शौचालय रूम की ओर बढ़े तो यहां फ्लश गायब थी। राज्यमंत्री ने कहा कि शौचालय व्यवस्था यहां भी खराब है। सीएमएस को तलब करते हुए पूछा यह सब देखने की किसकी जिम्मेदारी है।
इस दौरान सांसद चंद्रसेन जादौन, विधायक मनीष असीजा, विधायक डॉ. मुकेश वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष मानवेंद्र प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष राकेश शंखवार, डीएम चंद्र विजय सिंह, सीएमओ डॉ. एसके दीक्षित, मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या संगीता अनेजा, सीएमएस डॉ. आलोक कुमार मुख्य रुप से उपस्थित थे।
मंत्री के आगमन पर टूट गई सामाजिक दूरी की डोर
फिरोजाबाद। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने आए तो इतनी भीड़ हो गई कि सामाजिक दूरी के मानकों की डोर भी टूट गई। मंत्री के आगमन के साथ ही जिले के सभी प्रमुख जनप्रतिधि, अधिकारी और मेडिकल कॉलेज से जुडे़ चिकित्सा, स्वास्थ्य अधिकारी और स्टाफ मौजूद था। इस दौरान आपा धापी जैसी स्थिति दिखी। अधिकारी से जनप्रतिनिधियों तक सभी पास-पास खडे़ दिखाई दिए। अधिकारी दूर-दूर रहने की हिदायत जरूर देते रहे है लेकिन भीड़ के शोर में सभी हिदायतें गुम हो गईं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठते रहे हैं सवाल
फिरोजाबाद। मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्थाओं और लापरवाही को लेकर पिछले दिनों कई वीडियो वायरल हुए थे। लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर कई संगठनों, समाजसेवी लोगों, जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ भाजपा से जुडे़ कई नेताओं ने सवाल उठाए थे। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग को शिकायती पत्र भेजे गए। भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष कन्हैया लाल गुप्ता, चाणक्य फाउंडेशन के सचिव डॉ. अखिलेश शर्मा ने भी शासन को शिकायतें भेजी थीं। इस पर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट भी किया था। स्वास्थ्य राज्यमंत्री का निरीक्षण मुख्यमंत्री के आदेश पर स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की परख का हिस्सा माना जा रहा है।
प्राचार्या हटाओ, अस्पताल बचाओ के गूंजे नारे
फिरोजाबाद। स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग जिस समय एक्सरे कक्ष का निरीक्षण करने के बाद वार्ड संख्या एक की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मंत्री के पीछे चल रहे भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी अमित गुप्ता, चाणक्य फाउंडेशन के डॉ. अखिलेश शर्मा ने नारे लगाए मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य संगीता अनेजा को हटाओ,अस्पताल को बचाओ। नारेबाजी होते ही सभी का ध्यान उनकी ओर खिंचा। लेकिन राज्यमंत्री ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। वह आगे की ओर बढ़ते चले गए। एसओ उत्तर नारेबाजी कर रहे अमित गुप्ता को अलग ले गए और समझाने लगे। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्राचार्य की लापरवाही के कारण पार्षद सहित कई लोगों की मौत हो गई। मंत्री जिस समय अंदर निरीक्षण करने पहुंच गए तो फिर भाजपा जिलाध्यक्ष मानवेंद्र प्रताप ने अमित गुप्ता को अपने पास बुला लिया। बोले हंगामा मत करो मंत्री को पूरी बात बता देना वही ठीक रहेगा।
मेरी गलती नहीं फिर भी की गई कार्रवाई : योगेश
फिरोजाबाद। आइसोलेशन वार्ड में तैनात लैब असिस्टेंट के गिरने के बाद काफी देर तक नहीं उठाने के मामले में कार्रवाई के शिकार जेआर डॉ. योगेश भी राज्यमंत्री को अपनी वेदना सुनाने पहुंचे थे। उनका कहना था कि उनकी गलती नहीं थी फिर भी हटा दिया। निरीक्षण के दौरान वह साथ रहे। वह अपना शिकायतीपत्र राज्यमंत्री को देना चाहते थे, लेकिन नही दे पाए।
साहब गोली नहीं मिली, सिर्फ इंजेक्शन लगाया
फिरोजाबाद। जिला अस्पताल के वार्ड संख्या एक में भर्ती संतोष कुमार के पास राज्यमंत्री अतुल गर्ग पहुंचे तो उनकी साथ मौजूद तीमारदार छोटे भाई की पत्नी सुधा बोलीं कि भर्ती होने के बाद एक भी गोली नहीं दी। सिर्फ इंजेक्शन लगा देते हैं। ऐसा ही उपचार चल रहा है। राज्यमंत्री ने कहा कि जिसे इंजेक्शन की जरूरत है उसे गोली कैसे दी जा सकती है। यह समझाते हुए आगे बढ़ गए।
मंत्री बोले कई शिकायती पत्र मिले हैं
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने मरीजों से भी बात की। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि मरीजों से बातचीत में पता चला है कि उन्हें यहां खाना ठीक से मिल रहा है, कोई परेशानी नहीं है। यहां कई शिकायती पत्र मिले हैं। इनको देखने के बाद कुछ कहा जा सकेगा कि किस तरह की शिकायतें हैं।