फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनियमित दिनचर्या बिगाड़ रही स्वास्थ्य

विज्ञापन
विज्ञापन
अनियमित दिनचर्या बिगाड़ रही स्वास्थ्य
विज्ञापन

संतुलित भोजन न लेना और फास्ट फूड व जंक फूड भी इसका कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस है। इस दिन का मकसद लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करना है। चिकित्सकों की मानें तो अनियमित दिनचर्या और संतुलित भोजन न लेना स्वास्थ्य बिगड़ने का मुख्य कारण है। इसके अलावा फास्ट फूड व जंक फूड भी लोगों की सेहत बिगाड़ रहे हैं। फसलों में कीटनाशकों के अधिक छिड़काव का भी सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि आजकल लोगों की जीवनशैली बहुत बदल गई है। पहले लोग सुबह जल्दी उठते थे और रात को जल्दी सोते थे। अब लोगों का न तो सोने का सही समय है और न ही सुबह उठने का। देर रात तक लोग मोबाइल में खोए रहते हैं और सुबह भी देर से ही उठते हैं। भोजन भी समय पर नहीं करते। बेहतर स्वास्थ्य के लिए लोगों को खुद में काफी बदलाव करने की जरूरत है। फास्ट फूड व जंक फूड से परहेज करना होगा। जीवन में योग, व्यायाम को लाना होगा। लोग जितना साधारण खाना खाएंगे, उतनी ही सेहत ठीक रहेगी। रात को सोने से कम से एक दो घंटे पहले खाना खाना चाहिए। खाने में दालें, सलाद के अलावा हरी सब्जियों का अधिक प्रयोग करना चाहिए।
विज्ञापन

आजकल फसलों में किसान अधिक कीटनाशक का प्रयोग कर रहे हैं। यह जहर किसी न किसी तरीके से हमारे शरीर में प्रवेश कर रहा है। शारीरिक श्रम भी कम हो गया है। फास्ट फूड का सेवन करना बीमारियों का कारण है। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक औ अन्य दुकानों पर मिलने वाले पेय पदार्थों से लोग मधुमेह के शिकार हो रहे हैं।
- डॉ. एसपीएस चौहान, वरिष्ठ फिजिशियन
अपना स्वास्थ्य खुद संभाल कर रखना लोगों के हाथों में ही है। यदि समय पर लोग भोजन करें, समय पर आराम करें और योगाभ्यास करें तो स्वास्थ्य ठीक रखा जा सकता है। धूम्रपान, शराब और अन्य व्यसनों से दूर रहना चाहिए। समय-समय पर अपनी शारीरिक जांच करवानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर लोगों को जागरूक करता रहता है।
विज्ञापन

- डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ
हर तीसरे व्यक्ति को तनाव
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि औसतन हर तीसरा व्यक्ति तनाव से जूझ रहा है। व्यापार, नौकरी, आर्थिक-सामाजिक परेशानी समेत अन्य इसकी वजह हो सकती हैं, लेकिन यह अस्थायी रहती है। हर तीसरे व्यक्ति का वजन बढ़ा है और इसमें से लगभग 50 फीसदी मोटापे के शिकार हैं। ऐसे में लोगों तनाव लेने से बचना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें