संजीव के अपहरण के बाद दुखी परिवारीजन
रामगढ़ थाना क्षेत्र के गांव भीकनपुर से गुरुवार सुबह हस्तशिल्पी संजीव राजपूत का अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओें ने फोन कर दस लाख रुपये की फिरौती मांगी है। परिवारीजनों की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव भीकनपुर निवासी संजीव राजपूत गुरुवार सुबह करीब पांच बजे गांव से लालजी की ठार पर काम करने के लिए निकला था। परिवारीजनों को गुरुवार शाम तक उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। वह उसकी खोजबीन में लग गए। गुरुवार रात करीब 12 बजे संजीव के फोन से बड़े भाई सुनील पर फोन आया। सुनील ने फोन रिसीव नहीं कर सका। सुबह करीब चार बजे फोन पर मिस कॉल देख सुनील ने संजीव के फोन पर फोन किया। फोन रिसीव होने के साथ ही दूसरी तरफ से आवाज आई की दस पेटी का इंतजाम कर लो। इसके बाद फोन बंद हो गया। फिरौती की रकम मांगे जाने पर सुनील ने जानकारी पिता को दी। रामगढ़ थाना पुलिस को पूरा मामला बताया। थानाध्यक्ष रामगढ़ व एसओजी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही पीड़ित परिवारीजनों से जानकारी की। पुलिस ने संजीव के फोन पर संपर्क करने का प्रयास भी किया, लेकिन फोन बंद था। तहरीर लेकर अपहरणकर्ताओं के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। थानाध्यक्ष रामगढ़ का कहना है कि युवक की तलाश के साथ ही अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
अच्छी नहीं है संजीव के परिवार की आर्थिक स्थिति
अपहृत संजीव के पिता की माली हालत ठीक नहीं है। संजीव तीन भाइयों में सबसे छोटा है। संजीव के बाबा लालजी के नाम करीब 24 बीघा जमीन है। उसके पिता राधेश्याम के हिस्से में करीब आठ बीघा जमीन आती है। संजीव और उसके भाई गांव से करीब दो किलोमीटर दूर लालजी की ठार पर रहते है। यहीं पर पशु भी बंधते है। सभी लोग यहीं पर काम करते है। घर पर केवल सोने के लिए आते हैं।