दीपावली को लेकर आतिशबाजी बाजार में रौनक दिखाई दे रही है। लोग तरह-तरह की आतिशबाजी खरीदना पसंद कर रहे हैं। अगर पटाखे खरीदते एवं चलाते समय कुछ सावधानियां बरतीं जाएं तो दुर्घटना के साथ-साथ खतरनाक बीमारियों से बचा जा सकता है।
आज शहर में लाखों रुपये की आतिशबाजी छोड़ी जाएगी। बच्चों को इस खास दिन का इंतजार रहा है। यह पटाखे प्रदूषण तो बढ़ाए ही जाएंगे। लेकिन पटाखों का धुआं एवं तेज आवाज शरीर के मर्ज बढ़ाएगी। पटाखे चलाते समय अभिभावक बच्चों का खास ध्यान दें। वहीं, श्वांस रोगियों को पटाखे से जितनी ज्यादा दूरी बनाएं, उतना ही बेहतर रहेगा। चिकित्सकों का कहना है कि 100 डेसिबल या उससे अधिक आवाज वाले पटाखों से कान के परदे फट सकते हैं। दमा पीड़ितों को पटाखे से दूर रखना चाहिए।
पटाखे प्रदूषण के साथ मर्ज बढ़ाते हैं। पटाखों की तेज आवाज से ब्लड प्रेशर की बीमारी हो जाती है। वहीं, पटाखों का धुआं श्वांस के साथ अंदर जाता है। जिससे दमा, टीवी, घबराहट एवं हृदय संबंधी रोग हो जाते हैं।
डॉ आरके पांडे, हृदय रोग विशेषज्ञ
सामान्य व्यक्ति के लिए 30-60 डेसिबल आवाज सामान्य रहती है। वहीं, पटाखों की आजावा इससे कई गुना होती है। जो कान के परदों को भी फाड़ सकती है। पटाखों का धुआं बच्चों के लिए भी बहुत हानिकारक है। आंख से संबंधित बीमारियां हो जाती है।
डॉ मुकेश, बालरोग विशेषज्ञ
पटाखें चलाते समय बरते सावधानियां
- ब्रांडेड कंपनियों एवं कम आवाज के पटाखे चलाएं
- ढीले कपड़े पहनकर पटोखे नहीं चलाएं
- पटाखे चलाने वाले स्थान पर पानी भर रख लें।
- कागज पर रखकर ही पटाखे चलाएं।
- बड़ों की देखरेख में ही बच्चों को पटाखे चलाने की अनुमति दें।
- जलने पर पानी से धोएं एवं एसओएस क्रीम लगाएं
- ज्यादा परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
सोशल मीडिया पर युवाओं ने छेड़ी मुहिम
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। सोशल मीडिया पर दीपावली का खुमार पूरी तरह छाया हुआ है। यूजर्स अपने नजदीकी लोगों को शुभकामनाएं देने के लिए ग्रीटिंग कार्ड्स के बजाय सोशल वेबसाइटों का प्रयोग कर रहे हैं। दीपावली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सोशल मीडिया पर युवाओं द्वारा मुहिम भी छेड़ी गई है।
दीपों के त्यौहार को लेकर युवाओं में अपार उत्साह बना हुआ है। फेसबुक, व्हाट्सअप जैसी सोशल मीडिया पर ई-ग्रीटिंग का क्रेज पूरी तरह बढ़ गया है। वेबसाइटों पर ही खुशियों के दीप जलाए जा रहे हैं, पटाखे भी छोड़े जा रहे हैं। हास्य एवं अन्य अलग-अलग ढंग से दीपावली की शुभकामनाएं भेजी जा रही हैं। खास बात यह है कि इस बार फेसबुक, व्हाट्सअप, वी-चैट पर पटाखे नहीं चलाएं, दीवाली प्रदूषण मुक्त बनाएं आदि नामों से मुहिम छेड़ी गई है। लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की अपील की जा रही है।
क्या कहते हैं युवा
जितेंद्र शर्मा का कहना है कि दीपावली खुशी का त्यौहार है। इस मौके पर हमें कुछ अच्छा कार्य करना चाहिए। दीपावली पर प्रदूषण मुक्त बनाना जरूरी है। करीब 50 लोगों से अपील की है। सभी से पांच-पांच लोगों को मुहिम से जोड़ने को कहा है।
विदित का कहना है कि पटाखों से प्रदूषण फैलता है। एक तरफ हम पेड़ पौधे लगाने की अपील करते हैं तो दूसरी ओर पटाखे चलाकर प्रदूषण फैलाते हैं जो गलत है। अपने नजदीकी लोगों से दीपावली पर पटाखे नहीं चलाने की अपील कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे हैं संदेश
रोशन हो दीपक, सारा जग जगमगाए
लिए साथ सीता मैया कों रामजी हैं आए
आओ हम सब मिलकर दीप जलाएं
दीपावली को पटाखे रहित बनाएं
दीपावली पर दीपों को जलाएं
ढ़ेर सारी खुशियां मनाएं
इस दीवाली कुछ करना है खास
पर्यावरण बचाने को पटाखे कम चलाएं