फिरोजाबाद। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 90 दिनों की मोहलत जुलाई के प्रथम सप्ताह में समाप्त होने जा रही है। इसके बाद निर्यात होने वाले कांच उत्पादों पर 27 प्रतिशत तक शुल्क लागू हो सकता है। इसका सीधा प्रभाव शहर के प्रमुख कांच कारोबार पर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
ऐसी स्थिति में कांच का निर्यात करने वाले निर्यातकों की निगाहें ट्रंप के टैरिफ पर टिक गई हैं। अमेरिका सहित विभिन्न देशों में अपनी अलग पहचान बनाने वाला ग्लास हैंडीक्राफ्ट और सजावटी कांच उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार अनिश्चिता के भंवर में फंस गया है। कांच निर्यातक मुकेश बंसल टोनी ने बताया कि सुहागनगरी से अमेरिका, जर्मनी, यूरोप, इंग्लैंड सहित 100 से अधिक देशों में सालाना करोड़ों का कारोबार होता है। इसमें सर्वाधिक निर्यात अमेरिका में होता है। क्रिसमस के त्योहार पर इनकी सबसे अधिक कांच उत्पादों की डिमांड रहती है। अमेरिका में कांच उत्पादों पर अभी तक साढ़े छह प्रतिशत टैरिफ लागू था। वहीं क्रिसमस के सजावटी उत्पादों पर जीरो प्रतिशत का टैरिफ लागू था। लेकिन 27 प्रतिशत लागू हौने से कांच का निर्यात प्रभावित होगा। संवाद