फिरोजाबाद। अमेरिकी संसद द्वारा भारत समेत दक्षिण एशियाई देशों के उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का बिल पास किए जाने से कांच निर्यातक सहम गए हैं। फिलहाल इस बिल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर होना बाकी हैं लेकिन टैरिफ लागू होने की आहट से ही स्थानीय निर्यातकों की नींद उड़ गई है। निर्यातक दीपोत्सव, हैलोवीन, हार्वेस्ट और क्रिसमस के ऑर्डर टैरिफ प्रभावी होने से पहले पहुंचाने की जुगत में जुटे हैं।
कांच कारोबारी व निर्यातक सिंगराज यादव ने बताया कि विदेशी त्योहारों और क्रिसमस के मद्देनजर फिरोजाबाद से करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक के फैंसी व हस्तशिल्प कांच आयटम अमेरिकी बाजारों में भेजे जाने हैं। दिसंबर से इन त्योहारों की शुरुआत होगी। ऐसे में टैरिफ की मार से बचने के लिए निर्यातक जल्द से जल्द देश-विदेश की शिपिंग कंपनियों से कंटेनर बुक कराने में लगे हैं।
कांच आयटम होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित
कांच निर्यातक श्रेय बंसल के अनुसार, अमेरिका की इस टैरिफ योजना का सबसे ज्यादा असर उन कांच उत्पादों पर पड़ेगा, जिनकी लागत पहले से अधिक है। विशेष रूप से एल्युमिनियम, पीतल और चांदी की फिटिंग या बेस वाले कांच आयटमों का निर्यात काफी महंगा हो जाएगा। इसमें फ्लावर पॉट, हैंगिंग लाइट, किचन वेयर और होटल एक्सेसरीज जैसे सजावटी उत्पाद शामिल हैं।