फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Firozabad News: गैस सिलेंडर की आग ने छीनी मासूम हिमांशु की जिंदगी

Sat, 17 Jan 2026 11:32 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
विज्ञापन
जिला अस्पताल में उपचाराधीन सूरज के पास खड़ी अन्नया। संवाद - फोटो : जिला अस्पताल में उपचाराधीन सूरज के पास खड़ी अन्नया। संवाद
विज्ञापन
फिरोजाबाद। थाना दक्षिण के मालवीय नगर में शुक्रवार रात गैस सिलेंडर से लगी आग की घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। आग की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे चार भाई-बहनों में से सात साल के मासूम हिमांशु की शनिवार को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। अन्य तीन बच्चों का इलाज जारी है, जिनमें से दो की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
विज्ञापन


यह हादसा शुक्रवार रात 8:30 बजे हुआ था। मालवीय नगर निवासी राजमिस्त्री धर्मेंद्र की पत्नी मधु उर्फ पूनम ऑपरेशन के चलते जिला अस्पताल में भर्ती थीं। धर्मेंद्र कुमार भी उनके साथ थे। घर पर सबसे बड़ी बेटी अनन्या (13) अपने छोटे भाई-बहनों हिमांशु (7), सूरज (12) और काजल (9) के लिए खाना बना रही थी, तभी अचानक गैस सिलिंडर ने लीकेज के कारण आग पकड़ ली थी। चारों बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां अन्नया की हालत में सुधार हो गया। हिमांशु, जो कि 70 फीसदी से अधिक जल गया था, उसे आगरा रेफर किया गया था। हिमांशु ने वहां दम तोड़ दिया। सूरज और काजल अभी भी उपचाराधीन हैं।





अनन्या ने खुद जलकर बचाई भाई और बहन की जिंदगी

बोली, काश- हिमांशु तक भी पहुंच पाती

संवाद न्यूज एजेंसी

फिरोजाबाद। अग्निकांड में सात साल के हिमांशु की मौत ने सबको झकझोर दिया है, लेकिन इस तबाही के बीच बड़ी बहन अनन्या के अदम्य साहस की कहानी भी सामने आई है। जिस समय सिलिंडर ने आग पकड़ी, अनन्या ने अपनी जान की परवाह किए बिना मौत के मुंह से अपने भाई सूरज और बहन काजल को खींच लाई। मगर, हिमांशु को न बचा पाने के गम में बदहवास है।
विज्ञापन


थाना दक्षिण प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आग लगते ही कमरे में रखा फर्नीचर और बिस्तर जलने लगा था। अनन्या ने फुर्ती दिखाई और सूरज व काजल को धक्का देकर कमरे से बाहर सुरक्षित निकाल दिया।

दो भाई-बहनों को बचाने के बाद अनन्या हिमांशु को निकालने के लिए दोबारा आगे बढ़ी, लेकिन तब तक कमरे में रखे सामान ने आग पकड़ ली थी और लपटें विकराल हो चुकी थीं। हिमांशु आग के घेरे में बुरी तरह फंस गया। अनन्या ने हिम्मत नहीं हारी और शोर मचाते हुए पड़ोसी मनोज और उनके परिजनों को मदद के लिए पुकारा। जब तक लोग पानी लेकर पहुंचे और आग पर काबू पाया, तब तक मासूम हिमांशु 70 फीसदी तक झुलस चुका था। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और क्षेत्रीय पार्षद हरिओम गुप्ता मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही थाना दक्षिण पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें