अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई (सांकेतिक)
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फिरोजाबाद में थाना उत्तर के टापा खुर्द में 14 साल पहले हुई दंपती की हत्या के मामले में बुधवार को जिला जज बब्बू सारंग की कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 56 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पांच दोषियों में से चार सगे भाई हैं। इधर जुर्माने की आधी राशि पीड़ित परिवार को अदा करने का भी आदेश कोर्ट ने किया है।
यह मामला 11 जून 2011 का है। टापा खुर्द के रहने वाले गया प्रसाद ने थाना उत्तर में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि मोहल्ले में ही रहने वाले चार सगे भाई राम उर्फ राम सिंह, गोविंद, हरविंद्र और गिरजाशंकर व इनके साथी मुन्नालाल ने उनके भाई कमल सिंह और उनकी पत्नी अनीता की गोली मारकर हत्या कर दी है। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश का कारण बताया गया।
गया प्रसाद ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने एलान करने के बाद इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया है। पुलिस ने तत्काल केस दर्ज करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की। सभी के खिलाफ जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की गई।
अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों के बयान और विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पंचनामा भी शामिल थे। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष ने दोषियों के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे सफलतापूर्वक स्थापित किया है।
इस आधार पर कोर्ट ने पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 56-56 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने का भुगतान न करने पर, दोषियों को दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
जानलेवा हमले के मुकदमे की पैरवी की कीमत जान देकर चुकाई
कमल सिंह और उनकी पत्नी अनीता की हत्या की वजह दोनों पक्षों के बीच चले आ रहे एक मुकदमे की रंजिश रही। दरअसल, कमल सिंह पक्ष की ओर से राम उर्फ राम सिंह पक्ष के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज करा रखा था। कमल सिंह इस मुकदमे की पैरवी करते थे।
राम सिंह पक्ष रोकटोक करता था। इसको लेकर कई बार विवाद भी हुआ था। इस विवाद के दौरान ही कमल सिंह को हत्या की धमकी दी गई थी। मगर, कमल सिंह पैरवी से पीछे नहीं हटे। इसकी कीमत उनको व उनकी पत्नी अनीता को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।