फिरोजाबाद। थाना नारखी के वर्ष 2016 में दर्ज हुए मारपीट, घर में घुसकर हमला करने और जान से मारने के प्रयास से जुड़े एक मामले में एडीजे कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्यों और गवाहों के अभाव के चलते सभी पांचों अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया है। साथ ही, अदालत में अपने ही बयान से मुकरने वाले वादी मुकदमे के खिलाफ मिथ्या साक्ष्य देने के मामले में कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वादी मुकदमा श्यामवीर सिंह निवासी ग्राम पचवान, थाना नारखी ने 24 नवंबर 2016 को थाना नारखी में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि पुरानी रंजिश के चलते उसी दिन सुबह करीब 10:30 बजे आरोपी सुरेश चंद्र, लक्ष्मी, अनूप, नीरज और कान्हा लाठी-डंडों व फरसे से लैस होकर उनके घर में घुस आए। विरोध करने पर आरोपियों ने वादी के भाई धर्मवीर, भतीजों किशनवीर, ओमवीर, प्रेमवीर और भाभी पूनम देवी पर जान से मारने की नीयत से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हालांकि कोर्ट में वादी श्यामवीर सिंह अदालत में बयान दिया कि वह घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे और उन्होंने गांव के लोगों के कहने पर तहरीर दी थी। इसके अलावा चोटिल हुए गवाह भी मुकर गए। इस पर कोर्ट ने आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया।