फिरोजाबाद। कोविड के कारण मंदी की मार झेल रहे फिरोजाबाद के कांच बोतल निर्माण इकाइयों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति के तहत उत्तर प्रदेश में बनने वाली शराब निर्माण इकाइयों और कोल्ड ड्रिंक इकाइयों में फिरोजाबाद की कांच बोतल का 25 प्रतिशत अंश खपाया जाएगा। नवीन आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस संबंध में यूपीजीएमएस के साथ सदर विधायक की ओर से शासन स्तर पर पहल की गई थी।
देश के विभिन्न हिस्सों में कांच की बोतल की डिमांड कम होने के कारण फिरोजाबाद की कांच बोतल निर्माण धराशायी होने के कगार पर खड़ी है। इन इकाइयों को राहत देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश में निर्मित यूपी मेड शराब निर्माण इकाइयों में फिरोजाबाद निर्मित कांच की बोतलों का प्रयोग किया जाएगा। हालांकि आपूर्ति कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत भाग ही होगी।
यूपीजीएमएस अध्यक्ष राजकुमार मित्तल के अनुसार विदेशी मदिरा निर्माण करने वाली इकाइयों में बनने वाली रेगुलर ब्रांड की वाइन की पैकिंग में भी अब फिरोजाबाद निर्मित कांच बोतल का प्रयोग किया जाएग्रा।
यूपीजीएमएस-सदर विधायक की लंबी पहल लाई रंग
यूपीजीएमएस अध्यक्ष राजकुमार मित्तल के अनुसार कोविड के कारण तंग हाल से गुजर रही फिरोजाबाद की कांच बोतल इंडस्ट्री को पटरी पर लाने को काफी प्रयास करने पडे़। इस बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के आबकारी विभाग के मंत्री व अफसरों से बात की गई। इस पूरी पहल में सदर विधायक मनीष असीजा का पूरा सहयोग रहा।
प्रतिवर्ष एक अरब से ज्यादा राजस्व देती है कांच बोतल इंडस्ट्री
फिरोजाबाद में निर्मित कांच बोतलों को देश के विभिन्न हिस्सों सहित विदेशों में भी निर्यात होता है। फिरोजाबाद में सात बड़ी और 17 अन्य छोटी व मध्यम श्रेणी की इकाइयों में बोतल का निर्माण किया जाता है।
इन सभी मध्यम, लघु और सूक्ष्म श्रेेेेणी की कांच बोतल इकाइयां शासन को प्रति वर्ष करीब एक अरब, छह करोड़ रुपये का राजस्व देती हैं।