फिरोजाबाद में बंदी आकाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में चोट के निशान होने के बाद पुलिस एवं जेल प्रशासन अपने-अपने बचाव में जुट गए हैं। दोनों ही विभाग एक दूसरे के पाले में गेंद फेंक रहे हैं। घटना की जब जांच होगी इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इधर यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं जेल में आकाश के साथ जेल गए बंदी के बीच झगड़ा तो नहीं हुआ। थाना दक्षिण पुलिस का दावा है कि उसने मेडिकल कराके जेल भेजा था। थाने से जाने के दौरान का वीडियो भी बनवाया था।
इसमें दोनों साफ जाते दिखाई दे रहे है। इसके बाद दोनों का मेडिकल भी सरकारी ट्रॉमा सेंटर में कराया गया था। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि उसके सिर में चोट थी। आकाश का मेडिकल जेल में मौजूद चिकित्सक ने किया था।
हिमायूंपुर क्षेत्र का खुला बाजार, पुलिस रही तैनात
रविवार को सुहागनगर चौराहे से लेकर हिमायूंपुर नगला पचिया तक का बाजार खुला दिखाई दिया। दुकानों के बीच-बीच में पुलिस फोर्स की गाड़ियां खड़ी रही। पुलिस फोर्स के जवान कहीं दुकानों के सहारे तो कहीं चौराहे पर बैठे दिखाई दिए। इधर मृतक के आवास पर ढांढस बंधाने वालों के आने-जाने का क्रम चलता रहा।
थाना दक्षिण के नगला पचिया निवासी बंदी आकाश की शुक्रवार को मौत होने के बाद सुहागनगर चौराहे पर शव रखकर काफी हंगामा किया था। कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा पथराव किए जाने के कारण अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिस प्रशासन के अधिकारी माहौल को संभालने में जुटे थे। शनिवार को भले ही बाजार कुछ कम खुला था। लेकिन रविवार को क्षेत्र का बाजार खुला दिखाई दिया।
सुहागनगर चौराहा के साथ हिमायूंपुर की ओर जाने वाले मार्ग से लेकर नगला पचिया तक जगह-जगह पुलिस फोर्स की गाड़ियां खड़ी दिखाई दी। पूरा बाजार खुला हुआ था। लोग सामान की खरीददारी कर रहे थे। मतलब माहौल एक दम सामान्य सा था। डीएम रमेश रंजन ने सेक्टर प्रणाली लागू करने के साथ जिला स्तरीय अफसरों को भी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया था। इसके साथ जिले के आला अधिकारी हर स्थिति पर नजर रखे हुए थे।
इधर मृतक बंदी आकाश के नगला पचिया स्थित आवास पर परिजन को ढांढस बंधाने के लिए आने वालों का क्रम जारी था। सपा नेता मुकेश कुमार टीटू, बसपा नेता अनिल भाटिया,जीतू जाटव के साथ अन्य नेता एवं रिश्तेदार भी पहुंच रहे थे। बार एसोसिएशन के सह सचिव आनंद कुमार गौतम उर्फ अन्ना ठाकरे ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। पुलिस तथा प्रशासन को चाहिए कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।