शिकोहाबाद। पाइल्स की दवा लेने गए मरीज को क्लीनिक संचालक ने इंजेक्शन लगा दिया। आरोप है कि गलत इंजेक्शन लगाने से मरीज की मौत हो गई। क्लीनिक संचालक ने पहले परिजनों को गुमराह किया। मृतक के भाई की शिकायत पर क्लीनिक को सील कर दिया गया है।
मनोज कुमार निवासी नगला गुलाल का आरोप है कि वह अपने बड़े भाई राकेश कुमार (50) को 20 जून को पूरी तरह स्वस्थ थे। उन्हें ओम साई हाइड्रोसील क्लीनिक तिलहनी के पास पाइल्स की दवाई लेने गए थे। आरोप है कि हॉस्पिटल के स्टाफ ने पीड़ित के भाई को गलत इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। इस दौरान डॉक्टर उन्हें दो घंटे गुमराह करता रहा। जब हालात ज़्यादा बिगड़ गई तो डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज लें जाने के लिए बोला। जब पीड़ित अपने भाई को सरकारी जिला अस्पताल ले गया तो वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई का आरोप है कि हॉस्पिटल में मौजूद डॉक्टर डिग्री धारक डॉक्टर नहीं है और वह अवैध रूप से लोगों का इलाज कर लोगों की जिंदगी से खिलबाड़ कर रहा है। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंकर क्लीनिक को सील कर दिया। सीएमओ डा. रामबदन राम ने बताया कि शिकायत पर क्लीनिक संचालक के खिलाफ कार्रवाई की है।