टूंडला। नगर की ऐतिहासिक श्रीनगर रामलीला महोत्सव के मंचन के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने की प्रशासन की कवायद फिलहाल बेनतीजा साबित हुई है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन ने पिछले कई दिनों तक शहर के विभिन्न स्थानों का सर्वे किया, लेकिन मानकों पर खरी उतरने वाली कोई भी जगह उपलब्ध नहीं हो सकी। अब एसडीएम इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट बनाकर हाईकोर्ट को भेज रहे हैं।
स्टेशन रोड स्थित रामलीला मैदान (जो परिषदीय विद्यालय का खेल मैदान है) पर होने वाले आयोजन के विरुद्ध शहर निवासी प्रदीप राणा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में तर्क दिया गया था कि खेल के मैदान का व्यावसायिक या अन्य उपयोग छात्रों की गतिविधियों को बाधित करता है। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूर्व में मंचन रोकने के आदेश दिए थे जिसके बाद 22 सितंबर की रात्रि एसडीएम अंकित वर्मा ने फोर्स के साथ पहुंचकर रामलीला आयोजन को रुकवा दिया था।
आयोजन रुकने के बाद रामलीला कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शीर्ष अदालत ने उस समय मानवीय और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मंचन पूरा करने की अनुमति तो दे दी थी, लेकिन साथ ही जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि भविष्य के लिए एक वैकल्पिक स्थल चिह्नित किया जाए, ताकि स्कूल का मैदान केवल छात्रों के लिए सुरक्षित रहे। हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में तहसील प्रशासन पिछले कई दिनों से शहर के आसपास ऐसी भूमि की तलाश कर रहा था जहां सुरक्षा, पहुंच और पर्याप्त स्थान के मानकों पर रामलीला का विशाल आयोजन हो सके।
रामलीला के भविष्य पर संशय बरकरार
श्रीनगर रामलीला महोत्सव यथास्थान पर नहीं होने एवं प्रशासन की ओर से जगह उपलब्ध नहीं होने की रिपोर्ट भेजे जाने के बाद अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट के अगले रूख पर टिकी हैं। यदि कोई नया स्थल नहीं मिलता है, तो आगामी वर्षों में इस ऐतिहासिक मंचन के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है। शहरवासियों का कहना है कि पिछले 100 वर्षों से रामलीला परिषदीय विद्यालय प्रांगण में हो रही है वह भी रात्रि में होती है, ऐसे में रामलीला वहीं होनी चाहिए।
हमने शहर और आसपास के क्षेत्रों में गहनता से सरकारी भूमि और उपयुक्त स्थलों की तलाश की, लेकिन फिलहाल रामलीला के भव्य आयोजन के लिए कोई खाली या उपयुक्त जगह नहीं मिल सकी है। इस वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए रिपोर्ट तैयार कर उच्च न्यायालय को प्रेषित की जा रही है।
अंकित वर्मा, उपजिलाधिकारी, टूंडला