फोटो 18 स्मार्ट रोड के फुटपाथ पर भूमिगत विद्युत केबिल का खुला हुआ चैंबर। संवाद
फिरोजाबाद। शहर के पहले स्मार्ट रोड पर कार्यदायी संस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। लगभग 28.5 करोड़ रुपये की लागत से बने इस वीआईपी रोड पर भूमिगत विद्युतीकरण का कार्य अब जनता के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। फुटपाथों पर खुले पड़े केबल चैंबर और सड़कों पर पसरी बिजली की तारें किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रही हैं।
9 करोड़ का विद्युतीकरण, फिर भी बदहाली
राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत सुभाष तिराहा से रेलवे स्टेशन तिकोनिया तक इस स्मार्ट रोड का निर्माण कराया है। योजना के अनुसार, सड़क को सुंदर और सुरक्षित बनाने के लिए करीब 9 करोड़ रुपये केवल भूमिगत विद्युतीकरण पर खर्च किए गए। लेकिन हकीकत यह है कि ठेकेदार की ओर से फुटपाथ पर बनाए गए बिजली केबलों के चैंबर खुले छोड़ दिए गए हैं।
खुले चैंबरों में कचरा जमा हो गया है और बारिश या गंदगी के कारण जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इसका परिणाम सोमवार की देर रात को देखने को मिला, जब एक खुले चैंबर में पानी जमा होने के कारण जोरदार इलेक्ट्रिक फॉल्ट हुआ। गनीमत रही कि उस समय कोई वहां मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के अधिशाषी अभियंता (निर्माण), आशीष शुक्ला ने कहा कि स्मार्ट रोड पर विद्युतीकरण से जुड़ी खामियों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि कार्यदायी संस्था या ठेकेदार की लापरवाही मिलती है, तो जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।