फिरोजाबाद। थाना नगला खंगर क्षेत्र में एक विवाहित पड़ोसी की हवस का शिकार बनी किशोरी के मां बनने के मामले में अब मानवीय संवेदनाएं भी दम तोड़ती नजर आ रही हैं। मैदान में लावारिस फेंकी गई नवजात बालिका को न तो पीड़िता के परिजन अपनाने को तैयार हैं और न ही आरोपी का परिवार उसे स्वीकार कर रहा है।
1 फरवरी को प्लास्टिक की पन्नी में बंद कर मैदान में फेंकी गई नवजात बच्ची फिलहाल मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी देखभाल कर रही है, लेकिन उसकी सुरक्षा और भविष्य को लेकर अब बड़ा कानूनी सवाल खड़ा हो गया है।
पुलिस की ओर से संपर्क किए जाने पर किशोरी (पीड़िता) के परिवार ने दो टूक कह दिया कि वे इस बच्ची को घर नहीं ले जाएंगे। वहीं, जेल में बंद आरोपी कन्हैया उर्फ रोहित के परिवार ने भी बच्ची को रखने से मना कर दिया है।
मामले की गंभीरता और भविष्य में किसी भी कानूनी पेच से बचने के लिए पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लेगी।
इंस्पेक्टर के अनुसार बच्ची और आरोपी के बीच संबंध स्थापित करने के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस जल्द ही पॉक्सो कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर डीएनए सैंपल लेने की अनुमति मांगेगी। यह रिपोर्ट मुकदमे में आरोपी को सजा दिलाने के लिए सबसे अहम सबूत साबित होगी।