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Firozabad News: शिवाय ट्रेडिंग के संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज, मिल सील

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फोटो 23 रामनगर स्थित आटा मिल में मंगलवार को छापामारी के दौरान मौजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम।
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पचोखरा (फिरोजाबाद)। रजावली थाना क्षेत्र के रामनगर में संचालित आटा निर्माता कंपनी शिवाय ट्रेडिंग के संचालकों पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्राथमिकी दर्ज करा दी है। छापे की कार्रवाई के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आटे में सफेदी और वजन बढ़ाने के लिए इंसानी सेहत के लिए घातक सेलखड़ी मिलाई जा रही थी। मिल को सील कर दिया गया है, जबकि दोनों आरोपी संचालक मौके से फरार हो गए।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बुधवार देर शाम रजावली थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि 4 अगस्त की शाम विभागीय सचल दल ने रामनगर स्थित शिवाय ट्रेडिंग कंपनी पर छापा मारा। टीम को मौके पर संजय गुप्ता निवासी शिवपुरी कॉलोनी, एटा रोड, टूंडला मिला, जिसने बताया कि वह हेमा गुप्ता की भागीदारी में इस मिल का संचालन करता है। निरीक्षण के दौरान टीम ने ''राज स्टार'' ब्रांड नाम से तैयार 10-10 किलोग्राम के 42 बैग आटा और 30 किलोग्राम की एक बोरी सेलखड़ी बरामद की।
शुरुआती पूछताछ में कर्मचारियों और कारोबारी ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि आटे में सफेदी बढ़ाने और वजन भारी करने के लिए थोड़ी मात्रा में हानिकारक रासायनिक तत्व युक्त सेलखड़ी मिलाई जाती है। टीम जब आटा और सेलखड़ी के नमूने लेने लगी, तभी मौका पाकर संजय गुप्ता फरार हो गया। अब पुलिस दोनों संचालकों की तलाश कर रही है।
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जयपुर से आती थी इंसानी शरीर को नुकसान पहुंचाने वाली सेलखड़ी
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया कि आटे में मिलावट के लिए इस्तेमाल की जा रही सेल डस्ट (सेलखड़ी) की बोरी उदयपुर मिनरल डेवलपमेंट सिंथेटिक प्रा. लि., जयपुर राजस्थान से मंगाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार, औद्योगिक स्तर पर इस्तेमाल होने वाले इस सिंथेटिक मिनरल का आटे में मिलावट के लिए इस्तेमाल सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। विभाग अब इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि क्या यह सप्लाई नियमित रूप से हो रही थी और कितने समय से यह मिलावटी आटा बाजार में बेचा जा रहा था।


सेलखड़ी का सेवन कितना खतरनाक
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. योगेश गोयल ने बताया कि सेलखड़ी (सोपस्टोन/टैल्क) एक औद्योगिक खनिज है जिसका खाद्य सामग्री में उपयोग पूरी तरह से अवैध और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसका नियमित सेवन करने से पेट, आंत और लीवर पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। इसमें मौजूद रासायनिक कण आंतों में जमा होकर अल्सर, पाचन तंत्र विकार और लंबे समय में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकते हैं। लोगों का मानना है कि जिले में यह मामला महज एक मिल तक सीमित हो सकता है या इससे भी बड़े मिलावट रैकेट की जड़ें जुड़ी हो सकती हैं। ऐसे में पूरे प्रकरण की गहन जांच जरूरी है।




इन आरोपों में दर्ज की गई प्राथमिकी

एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि रजावली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 274 (खाद्य या पेय में मिलावट), 275 (हानिकारक खाद्य या पेय की बिक्री) और 318(4) (धोखाधड़ी) में इस मामले को दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच अधिकारी उपनिरीक्षक शुभम सागर को नियुक्त किया गया है। मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा। सैंपल प्रयोगशाला भेजा गया है, रिपोर्ट आते ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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