फोटो 3 जलेसर रोड पर स्थित अवैध कॉलोनी में हो रही प्लाटिंग। स्रोतः पाठक
फिरोजाबाद। डिजिटल इंडिया और पारदर्शिता के सरकारी दावों के बीच फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण (एफएसडीए) अपनी आधिकारिक वेबसाइट को अपडेट करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। इस लापरवाही के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अवैध कॉलोनियों के निर्माण और प्लाटों की बिक्री का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
वेबसाइट पर अभी भी तत्कालीन वीसी गुंजन द्विवेदी का नाम और पद दर्शाया जा रहा है, जबकि 3 फरवरी 2026 को प्रशांत नागर ने नगर आयुक्त एवं वीसी प्राधिकरण के रूप में कार्यभार संभाल लिया था। यह प्रशासनिक बदलावों से बेखबर वेबसाइट प्राधिकरण की सुस्ती और निष्क्रियता को उजागर कर रही है। वेबसाइट की सबसे गंभीर खामी प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी का पूर्ण अभाव है। वैध और अवैध कॉलोनियों की कोई सूची उपलब्ध न होने के कारण आम नागरिक यह नहीं जान पा रहा है कि वह जिस जमीन या मकान में अपनी जीवन भर की कमाई लगा रहा है, वह कानूनी रूप से सही है या नहीं। जानकारी के इस अभाव का फायदा भू-माफिया उठा रहे हैं और भोले-भाले लोगों को ठग रहे हैं।
चार साल से टेंडर प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक नहीं
वेबसाइट पर टेंडर प्रक्रिया के बारे में अंतिम अपडेट 18 अगस्त 2022 को किया गया था। इसके बाद से किसी भी टेंडर प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सूचनाओं को अपडेट न करना न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भ्रष्टाचार की आशंकाओं को भी जन्म देता है।
जलेसर रोड पर अवैध कॉलोनी, प्लाट बिक्री का खेल जारी
शहर के जलेसर रोड पर इन दिनों अवैध प्लाटिंग का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। नियमों को ताक पर रखकर भू-माफिया खाली जमीनों पर सड़कें डालकर धड़ल्ले से प्लाट काट रहे हैं। जेल के पास एक ऐसी ही कॉलोनी में बिना किसी ले-आउट प्लान या प्राधिकरण की अनुमति के अवैध प्लाटिंग शुरू कर दी गई थी। रातों-रात सड़कें बिछाकर कई भोले-भाले लोगों को प्लाट बेच दिए गए। प्राधिकरण के जिम्मेदारों ने स्वीकार किया कि प्लाटिंग अवैध है और कार्रवाई की जाएगी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि निवेशकों के पैसे कैसे वापस कराए जाएंगे।