फिरोजाबाद। दुनिया में कदम रखते ही एक मासूम को मां की आंचल की छांव और ममता का दुलार मिलने के बजाए, अपनों ने ही बेरहमी से मौत के मुंह में धकेल दिया। एका थाना क्षेत्र के गांव नगला हरपाल में बुधवार सुबह कपड़ों में लिपटी एक लावारिस नवजात बच्ची खेत की सूनी मेड़ पर पड़ी मिली। हाड़ कंपाने वाली परिस्थितियों के बीच भी उस बेकसूर मासूम की जीने की जिद इतनी मजबूत थी कि मौत को मात देकर उसकी सांसें चल पड़ीं और वह जिंदगी की जंग जीत गई।
गांव नगला हरपाल निवासी अजय यादव बुधवार सुबह सात बजे जब अपने खेत पर पहुंचे, तो उन्हें किसी बच्चे के बिलखने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो कपड़ों की पोटली में लिपटी एक नवजात बच्ची तड़प रही थी। अजय ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। इंस्पेक्टर राजेश पांडेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बिलखती बच्ची को गोद में उठाकर संभाला। पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम ने उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया। समय पर मिले इलाज के बाद अब बच्ची की सांसें सामान्य हैं। बाल कल्याण समिति के सदस्य हरगोविंद सिंह ने मामले का संज्ञान लेकर बच्ची की निरंतर देखभाल और सुरक्षा के लिए अस्पताल में सोशल वालंटियर तैनात करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
बच्ची को सकुशल अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। आसपास के इलाकों के प्रसूति केंद्रों और अस्पतालों में छानबीन की जा रही है। इस कृत्य को अंजाम देने वाले माता-पिता का पता लगाकर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - प्रेमप्रकाश पांडेय, सीओ जसराना