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Firozabad News: बीओआई भारौल शाखा सोना गबन कांड में शाखा प्रबंधक संदीप यादव समेत 4 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

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फिरोजाबाद। बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) की भारौल, थाना अरांव में ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए 96 पैकेट सोने के गबन के हाई-प्रोफाइल मामले में सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने मामले की गंभीरता और विवेचना जारी होने के आधार पर आरोपी शाखा प्रबंधक संदीप यादव समेत चार अभियुक्तों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी है।
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अदालत ने मामले से जुड़े तत्कालीन शाखा प्रबंधक संदीप यादव निवासी प्रोफेसर कॉलोनी, शिकोहाबाद, राहुल कुमार मूल निवासी ग्राम बांस गांव, पोस्ट रहन बसेहर, इटावा व हाल निवासी नगला कुंवर प्रसाद, थाना शिकोहाबाद, भानू प्रताप सिंह निवासी यादव कॉलोनी, थाना शिकोहाबाद और अंकुर अग्रवाल निवासी बड़ा बाजार, कस्बा व थाना शिकोहाबाद की याचिका को खारिज किया है। बता दें कि बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक कार्यालय (आगरा) के मुख्य प्रबंधक आदित्य प्रताप सिंह ने थाना अरांव में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि क्रेडिट अधिकारी दिलीप कुमार 27 मई 2026 से बिना सूचना के गायब चल रहे थे, जिनके पास गोल्ड सेफ की एक चाबी थी। 15 जून 2026 को जब उच्च अधिकारियों ने डुप्लीकेट चाबी से लॉकर खोला, तो ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए 96 सोने के पैकेट गायब मिले। जांच में सामने आया कि लॉकर की चाबियां शाखा प्रबंधक संदीप यादव और क्रेडिट अधिकारियों के पास संयुक्त रूप से रहती थीं। पुलिस विवेचना के दौरान संदीप यादव के अलावा राहुल कुमार, भानू प्रताप सिंह और अंकुर अग्रवाल का नाम भी आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने के रूप में सामने आया। सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने आदेश में उल्लेख किया कि अभियुक्तों पर लोक सेवक व अन्य के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत बेईमानी से लॉकर से सोना गायब करने का गंभीर आरोप है। मामले में साक्ष्य संकलन और विवेचना अभी प्रचलित है। अपराध की प्रकृति व गंभीरता को देखते हुए अदालत ने चारों आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं पाया और अर्जी खारिज कर दी।
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