बर्बाद हो गईं ये फसलें
किसानों ने कई बार फैक्टरी संचालक से बात करके अपनी समस्या बताई। साथ ही केमिकलयुक्त पानी को रोकने की मांग की। इस पर संचालक की तरफ से किसानों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। एक बार फिर फैक्टरी से निकला केमिकलयुक्त पानी खेतों में भर गया। इस कारण 12 बीघा मूंगफली, 12 बीघा मक्का और 20 बीघा के करीब बाजरा, 20 बीघा ज्वार की फसलें नष्ट हो गईं।
इन किसानों की फसल हुईं नष्ट
केमिकल वाले पानी से किसान रामसनेही लाल, नाहर सिंह, सत्यप्रकाश, बृजेश कुमार, नेत्रपाल सिंह, वीरसिंह, हरबिलास, उमेश चंद्र, छोटेलाल,भानुप्रताप, संतोष कुमार, होरीलाल, विनोद कुमार, ईश्वर दयाल, नाथूराम, महेंद्र सिंह की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि फैक्टरी संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्हें बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिलाया जाए।
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किसान बोले- रोकथाम के कोई प्रयास नहीं किए गए
जिजौली निवासी किसान रामसनेही बघेल ने कहा कि मॉडर्न ग्लास फैक्टरी से निकलने वाले केमिकल से आसपास के खेत बर्बाद हो रहे हैं। हमारी करीब पांच बीघा मक्का की फसल बर्बाद हो गई है।
जिजौली निवासी किसान मुन्नालाल ने कहा कि फैक्टरी के मालिक को कई बार सूचना किया गया। लेकिन उन्होंने फैक्टरी के अंदर से उड़ कर आने वाले केमिकल की रोकथाम को कोई प्रयास नहीं किया। हम प्रशासन से बर्बाद हुए फसल का मुआवजा दिलाने की मांग करेंगे।
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फैक्टरी में कोई केमिकल उपयोग नहीं होता
मॉडर्न ग्लास वर्क्स के संचालक दिनेश गुप्ता ने कहा कि एक किसान हमें काफी दिनों से बेवजह परेशान करने पर तुला है। वही बार-बार मनगढ़ंत शिकायत करते हैं। हमारी फैक्टरी में किसी प्रकार का कोई केमिकल इस्तेमाल नहीं होता है।
शिकायत पर की जाएगी जांच
उप कृषि निदेशक हरिनाथ सिंह ने कहा कि फैक्टरी के केमिकल युक्त पानी से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। पीड़ित किसानों की ओर से कोई शिकायत मिलती है तो मौके पर जाकर जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।
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