फिरोजाबाद। आबादी बढ़ने के साथ घरों में बिजली की जरूरत भी बढ़ी है लेकिन सरकार ने उस हिसाब से व्यवस्थाएं नहीं कीं जिससे आए दिन बिजली कटौती से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। अब शासन ने विद्युत सुधार के लिए आगामी पांच वर्ष की आवश्यकता को देखते हुए विद्युत विभाग से गांव-गांव और कस्बा के हर गली-मोहल्लों को रोशन करने के लिए प्रस्ताव मांगा है। विद्युत विभाग ने दो सौ करोड़ रुपये (दो अरब रुपया) का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही विकास कार्य शुरू हो जाएगा।
केंद्र सरकार ने रेवांपेड रिफार्म्स लिक्ड रिजल्ट बेस्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरआरएलआरबीडीएस) की शुरुआत की गई है। इसके तहत विद्युत विकास के साथ सुधार किए जाने हैं। देहात क्षेत्रों में दूर-दराज से केबल लानी पड़ रही है। इससे पूरे वोल्टेज भी नहीं मिल पा रहे हैं। जर्जर तारों के कारण विद्युत आपूर्ति तो बाधित रहती ही है, लाइनलॉस भी रहता है। विद्युत विभाग नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना के साथ 11 बंदुओं की कार्य योजना तैयार कर ली है। इस योजना में अनुमानित दो अरब रुपये का खर्चा आएगा।