ईद-उल-अजहा(बकरीद) का त्योहार आज सुहागनगरी में मनाया जाएगा। गुरुवार को घर-घर तैयारी की जाती रही। प्रत्येक अपनी सामर्थ्य के अनुसार बकरा तो कोई अन्य जानवरों को कुर्बानी के लिए खरीदकर लाया। शाम के वक्त सजी बकरा मंडी में 70 हजार कीमत तक का बकरा बिका। देर शाम तक बकरा मंडी सजी रही। वहीं प्रशासन ने ईदगाह सहित प्रमुख ही मस्जिदों में नमाज शांतिपूर्ण ढंग से कराने की व्यवस्थाओं में जुटा दिखाई दिया।
ईद-उल अजहा (बकरीद) की तैयारी पिछले कई दिनों से नगर निगम द्वारा की जा रही थीं। ईदगाह के साथ ही मुस्लिम बाहुल्य की मस्जिदों एवं मोहल्लों में टीमों को भी तैनात किया था। नगर आयुक्त रामौतार रमन पूरी टीम के साथ सक्रिय थे। गुरुवार दोपहर के बाद डीएम विजय किरन आनंद, एसपी पीयूष श्रीवास्तव, नगर आयुक्त रामौतार रमन, एसपी सिटी उदयशंकर सिंह, सीओ सिटी राजेश चौधरी, सचिव इसरार अहमद के साथ ईदगाह प्रांगण का जायजा लिया। गांधी पार्क मैदान में मिट्टी डालकर पूरे मैदान को समतल बनाया गया। गांधी पार्क में स्थापित महात्मा गांधी प्रतिमा पर स्थापित फाउंटेन चालू कराने के साथ हाईमास्ट लाइट ठीक कराने को दिन में कार्य कराया गया। सफाई कर्मचारी युद्धस्तर पर कार्य में जुटे रहे। ईदगाह कमेटी के सचिव इसरार अहमद खां द्वारा कुछ खामियां बताई, जिन्हें ठीक कराने को निर्देश डीएम ने दिया। इस दौरान एसओ दक्षिण श्रीप्रकाश यादव, महाप्रबंधक जलकल बीएन द्विवेदी राजकुमार, रमाशंकर राम, सीएफआई संदीप भार्गव सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। इधर, शाम के समय बाजारों में बकरों के साथ ही ईदगाह नमाज अदा करने जाने के लिए कपड़ों के साथ घरेलू सामान की खरीददारी करते लोग दिखाई दिए।
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कुर्बानी का मकसद अल्लाह का राजी करना
जानवरों के जबह करने की तस्वीर को सोशल मीडिया पर नहीं डालें
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। इस्लामिक सेंटर के सचिव आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा ईद उल अजहा में की जाने वाली कुर्बानी का मकसद अल्लाह को राजी करना और अल्लाह के ही निकटतम बनने के लिए होता है। उन्होंने कहा कि अल्लाह के नबी हजरत इब्राहिम के बेटे इस्माइल के गले पर भी छुरी चलाकर इब्राहीम ने अपनी तमाम ख्वाहिशों और हुक्मे खुदाबंदी को पूरा किया था। अल्लाह ने इब्राहीम को कहा था कि तू मेरा दोस्त है, तूने अपना सपना सच कर दिखाया है। इसकी याद में हमसे अपने बेटों की कुर्बानी नहीं मांगी गई है। बल्कि एक जानवर की कुर्बानी अल्लाह को राजी करने और अल्लाह के करीबी बंदा बनने के लिए काफी है। कुर्बानी दिखावे के लिए कभी नहीं करनी चाहिए। कुर्बानी करते वक्त हमें किसी का दिल नहीं तोड़ना चाहिए। रास्ता चलने वालों को तकलीफ न दें। जानवरों को जबह करने की तस्वीर सोशल मीडिया पर नहीं डालें। इस्लाम अमन, मोहब्बत एवं भाईचारे का संदेश देता है। दुश्मन को दोस्त बनाना है, पराए को अपना ही बनाना चाहिए। मुहम्मद साहब ने फरमाया कि ईद उल अजहा के दिन कुर्बानी से बड़ी कोई इबादत नहीं है।
नमाज का वक्त मुकर्रर
मस्जिद आयशा 7.15 बजे
मस्जिद वसिया 8.00 बजे
ईदगाह 8.30 बजे
जामा मस्जिद 8.45 बजे
शाही मस्जिद 9.00 बजे
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भारत के सभी हजयात्री सुरक्षित: याकूबी
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। ऑल इंडिया हज कमेटी के प्रदेश कोआर्डिनेटर आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा हज 2015 के लिए पूरी दुनिया से मक्का के मीना स्थित सउदी अरब स्टेट पर कैंप के बाहर मची भगदड़ में 310 अफ्रीकन एवं साउथ एशिया, सउदी अरब, दुबई, मिश्र के हजयात्रियों की मृत्यु होने की पुष्टि हुई है। भारत के हजयात्रियों के कैंप शोकुल अरब में होने के कारण सभी सकुशल हैं। उन्होंने कहा कि ये सूचना काउंसलेट जनरल ऑफ इंडिया बीएस मुबारक ने शाम को 5.30 बजे मोबाइल फोन पर ही दी है।