कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियों के लिए विश्व विख्यात सुहागनगरी आज 27 बरस की होगी। बीते 27 सालों में दो-दो हाईवे व आलीशान मुख्यालय भवन, पांच तहसीलों के साथ, अफसरों की लंबी फौज, फीरोजाबाद नगर को निगम का दर्जा, सिरसागंज के रूप में नई तहसील, 64 नई पंचायतें मिलीं। वहीं कांच श्रमिकों को कालोनी, डिपो की स्थापना, कैंसर जैसे घातक रोग की जांच के लिए लैब, प्रमुख ट्रेनों का ठहराव एवं स्टेशन को ए श्रेणी के दर्जे की जरूरत है...।
आगरा जिले की तहसील के रूप में पहचान रखने वाला फीरोजाबाद पांच फरवरी 1989 को जिला बना था। मैनपुरी की शिकोहाबाद एवं जसराना तहसील को शामिल कर पूर्व मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी ने टीवी वार्ड के मैदान में जिला बनाने की घोषणा की थी। बीते 27 वर्ष में जिले में 38 डीएम बदले और 59 एसपी।
जिले के गठन होने के सात वर्ष बाद 1996 में आलीशान जिला मुख्यालय भवन मिला। एपीएम गैस मिलने से कांच उद्योग में चमक आई। इससे कांच का निर्यात का निर्यात बढ़ा। 1998 में जनपद न्यायालय का विशाल काय भवन मिला। 2008 में लोकसभा एवं विधानसभाओं को नया परिसीमन होने के कारण पांच विधानसभाएं एवं लोकसभा क्षेत्र मिला। 2014 में फीरोजाबाद नगर की सवा छह लाख आबादी होने के साथ नगर निगम का दर्जा मिला। अपराध पर अंकुश लगाने को जिले को दो-दो एएसपी, जिला में तीन-तीन आईएएस अफसरों की तैनाती हुई। 2014 में ही आगरा-लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस वे मिला। 2015 में जिले को सिरसागंज के रूप में नई तहसील मिली। तहसील बढ़ने के साथ एक सीओ एवं एसडीएम नए मिले। ताकि जनता की सुविधाओं में इजाफा हो सके। ग्राम पंचायतों का नए ढंग से परिसीमन होने के कारण जिले को 64 नई पंचायतें मिलीं। वहीं जिला पंचायत के पांच वार्डों का इजाफा हुआ। जसराना क्षेत्र में पहले ग्राम न्यायालय की स्थापना हुई। भव्य आयकर भवन के साथ मेडिकल कालेज की स्थापना भी शीघ्र होगी। जेड़ाझाल नहर बनने से सिंचाई की सुविधा वहीं शहर को मीठा पानी मिलेगा।
जिले को मिली यह सौगातें
- कांच उद्योगों को गैस, कोयले से मिली मुक्ति।
- जिले को दो एक्सप्रेस वे, शंकरपुुर घाट का पुल।
- सौ बेड का महिला अस्पताल, ट्रामा सेंटर।
- मेडिकल कालेज की शीघ्र होगी स्थापना।
- सिरसागंज के रूप में मिली नई तहसील, फायर स्टेशन।
- पांच विधानसभाएं, एक लोकसभा।
अभी इनकी है दरकार...
- परिवहन निगम के डिपो की स्थापना।
- रेलवे स्टेशन को ए ग्रेड की सुविधाएं देना, एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव।
- ग्रामीण रूटों पर परिवहन निगम की बसों का संचालन।
- कसबा जसराना में फायर स्टेशन की स्थापना।
- आलू उत्पादक किसानों के लिए फैक्ट्री की स्थापना।
- कांच उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की कालोनी की स्थापना।
- जिले में नहीं होती कोई बड़ी प्रदर्शनी या सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- मुख्यालय तक जाने को सिटी बसें संचालित होना।
जनपद स्थापना दिवस पर संगोष्ठी आज
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। जनपद स्थापना एवं विकास समिति के तत्वावधान में जिले के 27 वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर संगोष्ठी का आयोजन पांच फरवरी को अपराह्न दो बजे से श्री रामस्वरूप जलदेवी विद्या मंदिर सुहागनगर पर होगा। समिति के महासचिव उमाकांत पचौरी एडवोकेट ने बताया कि अध्यक्षता समिति के संस्थापक झब्बूलाल अग्रवाल करेंगे। मुख्य अतिथि नगर आयुक्त रामौतार रमन, मुख्य वक्ता शिक्षाविद रामनिवास गुप्ता होंगे। विशिष्ट अतिथि यूपी रत्न चक्रेश जैन व शीलमणि शर्मा होंगे। समिति के अध्यक्ष द्विजेंद्र मोहन शर्मा ने कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया है।
सिटी बसों का हो संचालन
जनपद स्थापना आंदोलन में शामिल रहे समाजसेवी रामचंद्र भारती ने कहा कि जिला बनने के बाद काफी विकास हुआ। सांप्रदायिकता समाप्त हुई। टूंडला, नारखी, सिरसागंज, जसराना, शिकोहाबाद व फीरोजाबाद के लिए सिटी बसों को संचालित किया जाए।