दो दिन से पंकज को था बुखार, चचेरे भाई संग गया था दवा लाने
गांव निवासी जयवीर सिंह बेलदारी करते हैं। उनके पुत्र पंकज को दो दिन से बुखार आ रहा था। शनिवार शाम करीब सात बजे दवा खाने के बाद वह चचेरे भाई के साथ घर से बाहर गया था। कुछ देर बाद चचेरा भाई तो अकेला घर लौट आया लेकिन पंकज नहीं आया। परिजनों ने सोचा कि शायद वह परिवार के ही किसी दूसरे घर में सो गया होगा इसलिए रात में उसकी ज्यादा तलाश नहीं की गई।
सबको चचेरा भाई की तलाश
रविवार सुबह भी पंकज का पता नहीं चलने पर खोजबीन शुरू हुई तो ग्रामीण राघवेंद्र सिंह के बाजरे के खेत की मेड़ के पास उसका शव पड़ा मिला। बालक के हाथ-पैर हल्के भीगे हुए थे और उसकी चप्पल गायब थी। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ टूंडला अरुण कुमार चौरसिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। पुलिस हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए चचेरे भाई की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
बेटे का शव देखने गोद में पहुंची दिव्यांग मां
पंकज का शव मिलने के बाद का दृश्य बेहद हृदयविदारक रहा। मृतक छात्र की मां मिथिला देवी दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। परिजन उन्हें गोद में उठाकर घटनास्थल तक ले गए। खेत में मासूम बेटे की लाश देखते ही दिव्यांग मां रो पड़ीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उलझी गुत्थी
मेडिकल कॉलेज में वीडियोग्राफी के साथ तीन डॉक्टरों के पैनल से पंकज के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। देर रात आई रिपोर्ट ने गुत्थी और उलझा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पंकज की मौत बिजली का करंट लगने से हुई है। पुलिस का कहना है कि परिवार वालों ने जहां से शव बरामद होना बताया है, वहां आसपास कोई भी बिजली का तार नहीं है। परिवार वाले भी घटना के बारे में बहुत कुछ बता नहीं पा रहे हैं।
भाई ही खोलेगा राज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम गांव में डेरा डाले हुए है। पुलिस अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों और परिजनों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस की मुख्य प्राथमिकता गायब नाबालिग चचेरे भाई को ढूंढ़ने की है। वही इस पूरी घटना का चश्मदीद है।