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गजब व्यवस्था: मुर्दे खा रहे सरकारी राशन, अमीरों ने भी डाला गरीबों के हक पर डाका; जांच में खुली पोल

Sat, 28 Feb 2026 03:30 PM IST
Dhirendra Singh राहुल दक्ष, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

फिरोजाबाद में पूर्ति विभाग के सत्यापन अभियान में 4,204 अपात्र राशन कार्ड निरस्त किए गए, जिनमें मृतकों और संपन्न परिवारों के नाम भी शामिल थे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अपात्र लोग स्वयं कार्ड सरेंडर करें, अन्यथा वसूली और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सरकारी राशन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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 जिले में सरकारी राशन की हो रही बंदरबांट पर लगाम लगाने के लिए चलाए गए पूर्ति विभाग के विशेष सत्यापन अभियान में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अब तक की जांच में हजारों ऐसे अपात्र लोग चिन्हित किए गए हैं जो वर्षों से सरकारी योजनाओं का अवैध लाभ उठा रहे थे। विभाग ने कार्रवाई कर 4,204 अपात्र राशन कार्डों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
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जिले में कुल 4,61,989 राशन कार्ड धारक पंजीकृत हैं। जिला पूर्ति अधिकारी स्वीटी ने बताया कि इस अभियान के तहत अब तक 1,38,597 कार्डों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। जांच टीम जब घर-घर पहुंची, तो धोखाधड़ी के हैरान कर देने वाले मामले सामने आए। कई स्थानों पर मृतकों के नाम पर राशन उठाया जा रहा था, तो कहीं आलीशान मकान और खेती योग्य भूमि के मालिक संपन्न परिवार भी गरीब बनकर सरकारी अनाज पर अपना अधिकार जताए बैठे थे।

सत्यापन में सामने आए प्रमुख आंकड़े:
1. संपन्न परिवारों का खेल: सत्यापन में सबसे अधिक 3,236 कार्ड धारक आर्थिक रूप से समृद्ध पाए गए। इन सभी को अपात्र घोषित कर उनके राशन कार्ड तत्काल निरस्त कर दिए गए।
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2. डुप्लीकेसी का मामला: जांच में 509 ऐसे कार्ड धारक पकड़े गए, जिनके नाम पर एक से अधिक राशन कार्ड संचालित पाए गए। इन सभी अतिरिक्त कार्डों को भी निरस्त कर दिया गया।
3. स्वैच्छिक समर्पण: प्रशासन की सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 346 अपात्र कार्ड धारकों ने स्वयं आगे आकर डर के मारे अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए।
4. मृतकों का राशन: सबसे गंभीर मामला मृतक लाभार्थियों का सामने आया। 113 ऐसे कार्ड पाए गए जिनमें नामांकित व्यक्ति की मृत्यु के बावजूद उनके नाम पर नियमित रूप से राशन उठाया जा रहा था। इन कार्डों को भी निरस्त कर दिया गया।

इन मामलों ने खोली पोल
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, 17 फरवरी 2026 को दो विशिष्ट मामलों में कड़ी कार्रवाई की गई। गायत्री देवी (अन्त्योदय कार्ड धारक, संख्या 214720199551) का सत्यापन करने पर पता चला कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। फिर भी उनके नाम पर राशन लिया जा रहा था। पता चलने पर उनका कार्ड तुरंत निरस्त कर दिया गया। कार्ड संख्या 214740753424 सुमन सेंगर के नाम पर था लेकिन सत्यापन में पता चला कि उनके पति विमल कुमार के नाम पर कृषि भूमि दर्ज है। भूमि स्वामी होने के कारण वे सरकारी मानकों के अनुसार अपात्र श्रेणी में आते हैं। उनका कार्ड भी तुरंत रद्द कर दिया गया।

प्रशासन की चेतावनी: अपात्र खुद छोड़ें मोह, वरना होगी वसूली
जिलाधिकारी रमेश रंजन ने स्पष्ट किया है कि यह सत्यापन अभियान अभी जारी रहेगा। शेष सभी राशन कार्डों का भी गहनता से सत्यापन किया जा रहा है। जो लोग संपन्न हैं या सरकारी मानकों को पूरा नहीं करते, वे स्वेच्छा से अपने कार्ड विभाग को सौंप दें। यदि जांच के दौरान कोई भी अपात्र व्यक्ति राशन लेते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ न केवल कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई होगी, बल्कि अब तक लिए गए राशन की पूरी कीमत बाजार दर पर वसूली भी की जा सकती है।
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