नगर निगम द्वारा आम जनता पर मनमाने टैक्स लगाने का मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान नगर निगम प्रशासन ने अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने निगम के बिंदुओं पर लायर्स क्लब को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद मामले की सुनवाई होगी।
फीरोजाबाद नगर पालिका को भले ही चार अगस्त 2014 को नगर निगम का दर्जा मिल गया हो लेकिन नगर नगर निगम प्रशासन ने मनमाने रूप से एक अप्रैल 2013 से स्वकर वसूलने के आदेश जारी कर दिए। प्रदेश के कई महानगरों से अधिक टैक्स की दरें आरोपित करते हुए टैक्स वसूली की गई। जनता के विरोध पर नगर निगम प्रशासन बैकफुट पर आया तो टैक्स की दरें संशोधित की गईं।। मामले में लायर्स क्लब ने जन आधार कल्याण समिति के माध्यम से वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मवीर सिंह, आशीष कुमार सिंह द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका पर प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूर्ण और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने सुनवाई करते हुए नगर निगम और उप्र सरकार को 12 जनवरी 2016 को सुनवाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नगर निगम प्रशासन अपना जवाब दाखिल नहीं कर सका। इस संबंध में अधिवक्ता प्रभात कुमार नगीना ने बताया कि मनमाने रूप से टैक्स वसूलने के मामले में हाईकोर्ट में आज सुनवाई होनी थी, लेकिन नगर निगम द्वारा आज जवाब दाखिल किया गया। इससे आज मामले पर सुनवाई टल गई है। न्यायालय ने जवाब दाखिल करने के लिए हमें दो सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित की जाएगी।