फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेहूँ,शिमला मिर्च और आलू में रष्ट,पिछैती रोग के लक्षण

विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। दो पूर्व ओलावृष्टि और बारिश के कारण फसलीय नुकसान झेल चुके किसानों की दुश्वारियां अभी भी कम नहीं हुई हैं। खेतों में पानी भर जाने के कारण आलू और शिमला मिर्च में जहां पिछैती रोग फैलने की आशंका है। वहीं, गेहूं में रष्ट लगने के लक्षण दिखने लगे हैं। किसानों की शिकायत के आधार पर जिला कृषि विभाग केंद्र ने बचाव के सुझाव जारी किए हैं।
विज्ञापन

रविवार को हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि के कारण नारखी, हाथवंत, टूंडला और फिरोजाबाद में आलू, गेहूं, शिमला मिर्च और सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, जिन किसानों के खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है। उन किसानों की गेहूं की फसल में रष्ट लगने, आलू और सरसों की फसल में पछैती रोग के अतिरिक्त शिमला मिर्च में गलन रोग फैलने की आशंका है। किसानों की शिकायत के आधार पर जिला कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बचाव के उपाय सुझाये हैं।
फसल में पिछैती झुलसा रोग, रष्ट और जड़ व फल गलन रोग से बचाव के लिये सायमेकसोनिल, डायमेथोमारफ, फेनामिडोन की तीन ग्राम मात्रा प्रति एक लीटर पानी में घोलें। तैयार घोल को प्रभावित फसल पर छिड़काव करें। इसके अलावा इफको की सोदत्सु दवा की मात्रा 600 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब तत्काल छिड़काव करें। फसल पर कोई भी स्टीकर जैसे टीपाल, हिप्सा या एंडोटरान एक मिलीलीटर दवा एक लीटर पानी में घोल कर छिड़काव किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. ओमकार सिंह यादव वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र हजरतपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें