बहुचर्चित शिक्षक सुमन यादव हत्याकांड के एक दर्जन आरोपी दोषी करार दिए गए। सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश पंचम आरपी सिंह ने आरोपी अशोक दीक्षित एवं उनके भाइयों को हत्याकांड का दोषी माना। पुलिस प्रशासन को सभी को हिरासत में लेने के आदेश दिए। इस प्रकरण की अगली सुनवाई की तिथि दस जुलाई निश्चित की गई है।
थाना दक्षिण क्षेत्र की आवास विकास कालोनी सुहागनगर सेक्टर एक निवासी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा. लक्ष्मी नरायन यादव के भाई एवं तिलक कालेज के शिक्षक सुमन यादव की 12 अक्तूबर 2007 को सुबह 8.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस दौरान वह अपने बेटे हर्ष के साथ फल खरीदने गए थे। इस हत्याकांड में मृतक के भाई ओमप्रकाश यादव ने थाना दक्षिण में आगरा के शहीद नगर निवासी अशोक दीक्षित, उनके भाई पप्पू एवं संदीप दीक्षित पुत्रगण रामनरायन दीक्षित जव थाना मटसेना क्षेत्र के करकौली निवासी सुरेंद्र गुर्जर, वीरभान सिंह गुर्जर को नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ थाना दक्षिण में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सात वर्ष से अधिक पुराने हत्याकांड की सुनवाई बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश पंचम राजपाल सिंह के न्यायालय में थी। बुधवार को फैसला आने की उम्मीद से न्यायालय में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिले के तीन सीओ, पुलिस बल समेत कई थानों के एसओ, पीएसी के साथ क्यूआरटी की टीमों को तैनात किया गया।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अशोक दीक्षित को न्यायालय प्रांगण में लाया गया और दोपहर करीब 1.20 बजे उनको कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान न्यायालय प्रांगण में चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रहा।
जिला शासकीय अधिवक्ता नीरज यादव ने बताया कि सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश पंचम आरपी सिंह ने सुमन यादव त्याकांड के आरोपी अशोक दीक्षित, उनके दोनों भाइयों सहित सभी एक दर्जन आरोपियों को दोषी करार दिया है। सभी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। अगली सुनवाई की तिथि दस जुलाई को होगी। वादी पक्ष के अधिवक्ता महेशचंद्र यादव, अब्दुल सलाम एडवोकेट, अपर शासकीय अधिवक्ता मकरंद सिंह यादव, अजय यादव एडवोकेट आदि मौजूद थे।
सुमन हत्याकांड में ये दोषी करार
जिला शासकीय अधिवक्ता नीरज यादव ने बताया कि अशोक दीक्षित, पप्पू दीक्षित, संजय दीक्षित पुत्रगण रामनरायन दीक्षित शहीद नगर आगरा, सुरेंद्र सिंह गुर्जर, वीरभान सिंह गुर्जर, सुरेश गुर्जर, पंचम सिंह गुर्जर निवासी करकौली मटसेना, संदीप भारद्वाज पुत्र विद्याराम निवासी गढ़िया चकरपुर थाना मटसेना, स्वदेश शर्मा निवासी गाजीपुर थाना बसई मोहम्मदपुर, आशीष गोयल निवासी हनुमान गंज थाना रसूलपुर, राजेश शर्मा निवासी इंद्रानगर थाना उत्तर एवं देवेंद्र शर्मा निवासी अई थाना फतेहाबाद आगरा हैं।
छावनी में तब्दील रहा न्यायालय प्रांगण
बहुचर्चित शिक्षक सुमन यादव हत्याकांड का फैसला आने की उम्मीद से पुलिस प्रशासन की टीमें बुधवार सुबह से ही अलर्ट थीं। न्यायालय के सभी प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग की गई। हाईवे किनारे वाले गेट से प्रवेश कर रहे तीन युवकों को रोककर तलाशी ली गई तो उनके पास कारतूस एवं चरस की पुड़िया मिली। पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया।
सुमन यादव हत्याकांड का फैसला आने की उम्मीद जिला न्यायालय प्रांगण में काफी भीड़ आने की उम्मीद थी। इसके मद्देनजर एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने सीओ सिटी राजेश चौधरी, सीओ सदर जगदीश सिंह, सीओ शिकोहाबाद के साथ थानाध्यक्ष मटसेना एवं मक्खनपुर के साथ एक प्लाटून पीएसी, दो क्यूआरटी की टीमों के साथ ही पुलिस बल तैनात किया था।
सुबह आठ बजे से न्यायालय के मुख्य गेटों पर सघन तलाशी की जा रही थी। हाईवे किनारे वाले गेट पर चेकिंग के दौरान तीन युवकों के पास कुछ कारतूस एवं चरस की पुड़िया मिली। टीम ने उन्हें तुरंत रोक लिया। तीनों को मटसेना पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
इसके साथ ही न्यायालय प्रांगण में अशोक दीक्षित की गाड़ी के करीब घूम रहे संदिग्धों पर पुलिस की नजर टिकी थी। कई युवकों से पूछताछ के बाद उन्हें वहां से हटा दिया। थानाध्यक्ष मटसेना राजीव यादव ने कहा कि तीन युवकों के पास कारतूस एवं चरस की पुडिय़ा मिली थी। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने भीड़ का हटाया
हत्याकांड के आरोपी अशोक दीक्षित की न्यायालय में पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। लाने और ले जाने के दौरान रास्ते में खड़ी भीड़ को पुलिस फोर्स ने हटा दिया। इतना ही नहीं कार्यालयों तक में सघन निगरानी पुलिस की टीमें कर रहीं थीं।
वीडियोग्राफी कराई
पुलिस की गुप्तचर विभाग की टीमों द्वारा अशोक दीक्षित के गाड़ी से उतरने से लेकर न्यायालय प्रांगण तक ले जाने के दौरान वीडियोग्राफी की। यही स्थिति वापसी के दौरान देखी गई। बता दें कि लक्ष्मीनारायण यादव ने वीडियोग्राफी में लापरवाही की शिकायत एसपी सिटी से की थी।