टूंडला के मदावली स्थित गोशाला में खड़ी भूखी-प्यासी गाएं
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टूंडला (फिरोजाबाद)। एक तरफ प्रदेश सरकार गोवंशों के संरक्षण की दम भरती है और दूसरी तरफ गोवंश गोशालाओं में दम तोड़ रहे हैं। उनके शवों को कुत्ते नोंच रहे हैं। प्रशासन की अनदेखी के चलते गोशालाओं का बुरा हाल है।
क्षेत्र में घूम रहे गोवंशों को आश्रय देने के लिए सरकार ने मदावली में गोशाला का निर्माण कराया था। गोशाला में लगभग 50 से अधिक गाय हैं। शुक्रवार को गोशाला में गाय का शव कुत्तों द्वारा नोंचे जाने की खबर फैल गई। मौके पर लोग पहुंचे तो पाया कि गोशाला में एक दिन पुराना गाय का शव पड़ा हुआ था। शव को कुत्ते नोंचकर खा रहे थे। कुछ दूरी पर एक दूसरी गाय मौत से संघर्ष कर रही थी।
इसी बीच एक मैदान पर खड़ी गाय सर्दी से ठिुठर रही थीं। सुबह करीब 10 बजे तक गोशाला के गेट पर ताला लगा हुआ था। गायों को खाने को कुछ नहीं दिया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि गोशाला से दुर्गंध आ रही थी, लेकिन किसी ने भी गोशाला की ओर ध्यान नहीं दिया। बताया जाता है कि गायों को चार-चार दिन चारा नहीं दिया जाता है।
पशु पालन विभाग द्वारा इसकी देख-रेख की जा रही है। गायों के चारे-पानी को हर माह लाखों रुपये का बजट भी आ रहा है। बावजूद इसके गायों की हालत बंद से बत्तर बनी हुई है। गांव के कुछ गो सेवकों ने बताया कि वह आपस में चंदा करके गायों के चारे-पानी का इंतजाम करते हैं। पशु पालन विभाग गायों को लेकर पूरी तरह अनदेखा बना हुआ है।
कोई बजट नहीं मिला
गो सेवकों की मदद से पूरा इंतजाम कर रहे हैं। अभी तक कोई बजट नहीं मिला है। न ही गोशाला किसी भी संस्था के सुपुर्द की गई है। चौकीदार न होने के कारण कुछ लोग मरे हुए पशुओं को गोशाला में फेंक जाते हैं। व्यवस्थाएं हम अपने स्तर से ही कर रहे हैं।
प्रभुंजन शुक्ला- मुख्य पशु चिकित्साधिकारी