फिरोजाबाद। फुटकर मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता के नियम ने विक्रेताओं की नींद उड़ा दी है। फार्मासिस्ट की व्यवस्था न होने के कारण मेडिकल स्टोर का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। जनपद में 500 से अधिक मेडिकल स्टोर बंदी की कगार पर हैं। इससे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है।
मेडिकल के लाइसेंस का नवीनीकरण कराया जाता है। अब यह प्रक्रिया आनलाइन हो चुकी है। बिना फार्मासिस्ट के नवीनीकरण की प्रक्रिया संभव नहीं हो रही है। इससे मेडिकल स्टोर का नवीनीकरण नहीं हो रहा है। छह माह तक नवीनीकरण न होने की स्थिति में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस स्वत: ही निरस्त हो रहा है। ऐसे सैकड़ों मेडिकल बंदी की कगार पर आ गए हैं।
लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। वर्षों से दवा का कारोबार कर रहे लोग खाली हाथ बैठे हैं। क्योंकि उनका लाइसेंस निरस्त हो गया है। ड्रग इंस्पेक्टर सुनील कुमार का कहना है कि मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता है। साफ्टवेयर बिना इसके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करता है। यह शासन की व्यवस्था है।
बिलंब शुल्क कम हुआ
फिरोजाबाद। नवीनीकरण न होने की दशा में मेडिकल स्टोर संचालकों को छह माह का समय निर्धारित किया जाता है। इसमें मेडिकल स्टोर संचालक को पेनल्टी भरनी पड़ती है। शासन ने बिलंब शुल्क में राहत प्रदान की है। पहले बिलंब शुल्क करीब एक हजार रुपये था। अब बिलंब शुल्क 60 रुपये कर दिया गया है।