थाने में मोटरसाइकिल के रुपये नीरज को देने को है। साथ ही पुलिस ने खुद के लिए दो लाख रुपये मांगे। इतने पैसे दे पाने असमर्थता जताई तो पुलिस ने पिटाई की। पट्टा से पीटा। पिटाई से उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। हाथों में सूजन आ गई।
पीड़ित ने अधिवक्ता सतेंद्र सिंह को पूरी बात बताई। उन्होंने पीड़ित के माध्यम से एसपी ग्रामीण से शिकायत कराई। इसमें थाने के अंदर विपिन को पीटने की बात कहते हुए फोटो भी मुहैया कराए गए। इस मामले में एसपी ग्रामीण ने इस मामले की जांच सीओ अरुण कुमार चौरसिया को सौंपी। इसमें पुलिस की कमियों को बताया गया।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पुलिस ने जबरन उनके झूठे बयान दर्ज कराए। वादी के वाद दायर करने पर एससी एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीष नवनीत कुमार गिरि ने इस मामले में सुनवाई की। वादी के अधिवक्ता ने इस मामले में उनके पक्ष को पूरी दमदारी से रखा।
इसमें जज ने उनके वाद को स्वीकार किया। विपक्षी तत्कालीन एसओ शिवभान सिंह राजावत थाना एका व आरक्षी घनेन्द्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। थाना प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि अभी इस प्रकार का कोई भी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश प्रति आने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।