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निलंबित बाबू समेत चार लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम का मुकदमा दर्ज

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फिरोजाबाद। उत्तर थाना पुलिस ने नगर निगम के निलंबित बाबू जेपी बघेल (जयप्रकाश बघेल) सहित चार लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनमें सफाई एवं खाद्य निरीक्षक की पत्नी भी शामिल है। पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कह रही है।
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जलकल विभाग के महाप्रबंधक रामबाबू राजपूत ने थाना उत्तर में तहरीर देकर कहा कि 22 सिंतबर को राघवेंद्र कुमार झा, प्रमुख क्षेत्रीय विक्रय यूनाइटेड पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा शिकायती पत्र नगर आयुक्त को दिया गया था। इसमें शिकायत की गई कि फर्म द्वारा नौ वाहन संतोषजनक रूप से नगर निगम को आपूर्ति किए गए थे। उनके द्वारा बिना किसी शर्त होने के उपरांत भी वाहनों का थर्ड पार्टी निरीक्षण करा दिया गया। वह पिछले 55 दिनों से भुगतान के लिए प्रयास कर रहे है।
राघवेंद्र कुमार झा द्वारा अपनी भुगतान संबंधी पत्रावली को आगे बढ़ाने के लिए जयप्रकाश बघेल लिपिक कार्यशाला को बीस हजार रुपये, महेश कुमार , तत्कालीन सह प्रभारी कार्यशाला को 70 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये महेश कुमार की पत्नी नूतन सिंह के खाते में भुगतान किए जाने की शिकायत की थी।
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जलकल विभाग के महाप्रबंधक रामबाबू राजपूत की तहरीर पर थाना उत्तर पुलिस ने जयप्रकाश बघेल (जेपी बघेल) लिपिक कार्यशाला फिरोजाबाद, महेश कुमार सफाई एवं खाद्य निरीक्षक तत्कालीन सह प्रभारी कार्यशाला, योगेंद्र सिंह निवासी विजय नगर गली नंबर चार और नूतन सिंह पत्नी महेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ सिटी हरिमोहन सिंह का कहना है कि महाप्रबंधक जलकल रामबाबू राजपूत की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चार माह पहले लिए गए थे वाहन, आखिर क्यों खड़े रहे
फिरोजाबाद। 59 वाहन नगर निगम ने साफ सफाई के लिए करीब डेढ़ साल पहले ऑर्डर किए थे। एक साल बाद वाहन आने के बाद चार माह तक नगर निगम में धूल फांकते रहे। चालकों की भर्ती एक बार होने के बाद दोबारा नए सिरे से की गई। जांच में यह सवाल भी उठ रहा है। नगर निगम के सूत्रों की माने तो सौ चालकों को भर्ती करने में भी 70 से एक लाख रुपये तक वसूले गए।
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