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बंद रही क्लीनिक, उपचार को भटकते रहे तीमारदार

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फरिहा में डाक्टरों के साथ बंद पड़ी मेडीकल स्टोर की दुकाने। - फोटो : FIROZABAD
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फरिहा। रविवार को बुखार से पीड़ित मरीज की मौत के बाद परिजनों द्वारा क्लीनिक के बाहर शव रखकर हंगामा करने के विरोध में सोमवार को कस्बा फरिहा के चिकित्सकों ने क्लीनिक और मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकानें बंद रखी। जिससे मरीजों और तीमारदारों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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गांव शीतलपुर निवासी रामनिवास (32) की रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने चिकित्सक पर
लापरवाही का आरोप लगाते हुए क्लीनिक के बाहर शव को रखकर हंगामा किया था। इसके बाद शव को लेकर परिजन थाना फरिहा पहुंचे थे। पुलिस को घटना से अवगत कराने के साथ ही कार्रवाई की मांग की।
इसको लेकर चिकित्सक और दवा विक्रेताओं में आक्रोश फैल गया। सोमवार को जहां कस्बा में सभी क्लीनिक बंद रहे। वहीं दोपहर तक दवा विक्रेताओं की दुकानें न खुलने के कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तीमारदार मरीजों को उपचार के लिए फिरोजाबाद या फिर अन्य कसबों में इलाज कराने के लिए जाने को विवश हुए।
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इलाज और दवा के लिए परेशान रहे ग्रामीण
- फरिहा के गांव कुबेरगढ़ी निवासी 35 वर्षीय रचनादेवी पत्नी वीरेंद्र का कहना है कि वह बुखार से पीड़ित है। दवा लेने के लिए कस्बा आई थी। लेकिन क्लीनिक बंद होने से दिक्कत हुई। काफी देर तक क्लीनिकों के खुलने का इंतजार करना पड़ा।
- कसबा फरिहा निवासी जितेंद्र सिंह चौहान पुत्र आरपी सिंह चौहान का कहना है कि वह बुखार से पीड़ित है। चिकित्सक नहीं मिले तो मेडिकल से दवा लेने के लिए गए। लेकिन मेडिकल भी बंद होने के कारण दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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