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लॉकडाउन: गेहूं की कटाई के लिए नहीं मिल रहे मजदूर और कृषि यंत्र

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गेहूं की फसल काटते किसान - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद/जसराना। पहले मौसम की मार अब लॉकडाउन ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल काटने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। फसल काटने के लिए दरांती पर धार नहीं लग पा रही है। किसानों का कहना है कि यदि 10 से 15 दिनों के बीच गेेहूं नहीं काटा गया तो नुकसान होगा। गेहूं इस वक्त पूरी तरह से पक चुका है। इसकी बाल झड़ने का खतरा भी बढ़ जाएगा। वहीं जो लोग दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा के साथ अन्य प्रदेशों में कार्य करते थे ये लोग लॉकडाउन के चलते गांव में आ गए हैं। यही लोग इस समय फसल की कटाई कर रहे है। वहीं यह सही तरीके से कटाई नहीं कर पा रहे है। इसके साथ ही जो फसल कट भी गई है। उसके लिए थ्रेसर नहीं मिल पा रहा। कटा हुआ गेहूं भी खेतों में पड़ा है। जिले में एक लाख 15 हजार हेक्टयर क्षेत्र में गेहूं की फसल का उत्पादन होता है।
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लेबर न मिल पाने के कारण परिवार के साथ ही कटाई करनी पड़ रही है। दरांती की कमी भी खल रही है। कसबा खैरगढ़ में जिन दुकानों पर दरांती मिलती थी वह बंद है। लेबर अपने साथ लेकर आती थी। ऐसा पता होता तो पहले से ही इंतजाम कर लेते।
सरनाम सिंह, निवासी कछवई खैरगढ़।
यह समय गेहूं की कटाई का है, लेकिन इस बार कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। गैर प्रदेशों में काम करने वाले जो लोग गांव वापस आ गए हैं। वहीं गेहूं की कटाई कर रहे हैं। जितनी तेजी से मजदूर काम करते हैं उस हिसाब से वह नहीं काट पाते। इस लिए दिक्कत आ रही है।
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राजकुमार, कठफोरी।
लॉकडाउन के कारण गेहूं की कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। पुलिस के डर से श्रमिक काम पर नहीं आ रहे। यदि समय से गेहूं नहीं काटा गया तो नुकसान हो जाएगा। क्योंकि गेहूं पूरी तरह से खेतों में पका खड़ा है। जो लेबर आ भी रही है, वह तेजी से काम नहीं कर रही।
अनिल यादव, कौरारी फरिहा
लॉकडाउन के कारण गेहूं की कटाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। पहले 40 किलो गेहूं पर एक बीघा फसल काटने के लिए लेबर मिल जाती थी। लॉकडाउन के कारण एक बीघा फसल काटने के लिए 70 किलो गेहूं पर लेबर मिल रही है। लेबर महंगी होने के कारण कार्य रुका है।
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मुलायम सिंह, निवासी जरारी यादव

ड्रोन कैमरे के माध्यम से सीलिंग इलाके की ली गई तस्वीर- फोटो : FIROZABAD

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