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पचास हजार की रिश्वत लेते एबीएसए को दबोचा

Sat, 07 Nov 2015 07:54 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
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एक मामले में जांच कर रहे एबीएसए ने शिक्षक से रिश्वत के रूप में पचास हजार रुपये मांगे। आगरा की विजिलेंस टीम ने एबीएसए को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। एबीएसए प्रवीन अग्रवाल को नारखी थाने में हिरासत में रखा गया है। रिश्वतखोर अधिकारी को विजिलेंस से पकड़वाने में यूनाईटेड टीचर एसोसिएशन की अहम भूमिका रही।
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  मथुरा जिले में मांट ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल ढहरुआ में तैनात शिक्षक आलोक उपाध्याय के खिलाफ वित्तीय मामले की शिकायत की जांच होनी थी। एडी बेसिक कार्यालय से तीन खंड शिक्षाधिकारियों को जांच सौंप दी। जिसमें नारखी ब्लाक के एबीएसए प्रवीन अग्रवाल प्रथम जांच अधिकारी बनाए थे। आलोक उपाध्याय ने बताया कि शिकायत भी इन्हीं अधिकारी ने कराई थी।

जांच जब एबीएसए प्रवीन अग्रवाल के पास आई तो शिक्षक से फोन पर एक लाख रुपये मांगे। धीरे-धीरे बात पचास हजार रुपये पर आ गई। शिक्षक ने यूटा अध्यक्ष शिवराज सिंह से संपर्क साधा तो उन्होंने विजिलेंस टीम में शिकायत की। एबीएसए प्रवीन ने शनिवार को रिश्वत की रकम बीआरसी नारखी पर लाने के लिए कहा। विजिलेंस की 15 सदस्यीय टीम फीरोजाबाद ब्लाक पहुंची और डीएम द्वारा तय दो प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। एबीएसए ने कई बार शिक्षक को फोन किया।  योजनानुसार विजिलेंस की टीम जानबूझकर देरी करती रही। अंत में प्रवीन अग्रवाल ने फोन किया कि आना हो तो आओ, वरना मैं दस मिनट में निकल जाऊंगा।
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उसके बाद विजिलेंस ने पाउडर लगी पचास हजार रुपयेे की गड्डी आलोक को दी और अपने दो प्रतिनिधियों के साथ करीब पौने तीन बजे एबीएस के कक्ष में भेज दिया। इसके बाद उन्हें रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एबीएसए ने भागने की कोशिश की तो उन्हें नारखी थाने ले जाया गया। टीम के डिप्टी एसपी बलधारी सिंह ने बताया कि प्रवीन को मुकदमा दर्ज कराने के बाद मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा। विजिलेंस टीम में इंस्पेक्टर अभय सिंह, प्रदीप कौशिक, वीरपाल,  पीडी सारस्वत सहित 10 सदस्यीय टीम थी।

शिक्षक थे परेशान, नहीं होता था हल
एबीएसए प्रवीन अग्रवाल से ब्लाक के शिक्षक परेशान थे। शिकायत करने पर हल नहीं होता था। एक  शिक्षक का 72,00 शिक्षक भर्ती में चयन हो गया था। सितंबर माह का वेतन दिया जाना था। लेकिन उन्होंने रोक दिया। शिक्षक अमित ने बताया कि प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन बुरा बर्ताव करते हुए कार्य नहीं किया।
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