जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए एनआरएचएम ने पोषण एवं पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की हरी झंडी दे दी है। जहां कुपोषित बच्चों की देखरेख की जाएगी। साथ ही एनआरसी के लिए बजट भी जिले के लिए भेज दिया।
जनपद में कुपोषित बच्चों की संख्या का ग्राफ काफी ऊंचा है। विगत दिनों हुए सर्वे में कुपोषित बच्चों की संख्या करीब 30 हजार को पार कर गई थी। लगभग तीन हजार बच्चे अतिकुपोषित मिले थे। इसकी रिपोर्ट शासन को गई थी। पहले शासन ने एनआरसी खोलने का मन नोएडा को बनाया।
मगर डीपीएम के प्रयासों के बाद एनआरएचएम ने फीरोजाबाद जनपद की झोली में एक पुनर्वास केंद्र बनाने की गाइड लाइन जारी कर दी। बताया जाता है कि इस एनआरसी में अतिकुपोषित बच्चों को कुपोषित तक की स्थिति में लाने तक रोका जाएगा। वहां इलाज के साथ साथ खाने पीने का ध्यान भी रखा जाएगा।
यह एनआरसी जिला अस्पताल परिसर में स्थापित की जाएगी। हालांकि एक और पुनर्वास केंद्र विगत दिनों शुरू किया था। जो डीएम विजयकिरन आनंद के प्रयासों से हुआ। इस केंद्र में 12 बेड स्थापित किए जाएंगे। वहीं, चिकित्सक, चार स्टॉफ नर्स, रसोइया, चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की भर्ती की जाएगी। फर्नीचर एवं स्थापना में जरूरी सामान के लिए एनआरएचएम ने दो लाख का बजट दिया है। जबकि चिकित्सक एवं अन्य स्टॉफ के लिए 64 लाख का बजट दिया है।
एनआरएचएम की नोएडा में हुई बैठक में ये बात उठी थी। फीरोजाबाद में एनआरसी की कमी को देखते हुए एनआरएचएम ने स्वीकृति दे दी है। उच्चस्तरीय अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
सरजूखान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनआरएचएम