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Firozabad News: भारतीय न्याय संहिता के तहत टूंडला-जसराना में दर्ज हुए केस

Tue, 02 Jul 2024 01:41 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। एक जुलाई से देश में आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनिमय लागू हो चुके हैं। इसके तहत जिले मेें सोमवार की शाम थाना टूंडला में पहला मामला मारपीट का दर्ज किया है। वहीं एक मामला जसराना में दर्ज किया गया। हालांकि पुलिस के अधिकारियों ने नए कानून की जानकारी देने को संगोष्ठी आयोजित की। वहीं थानों में मुंशी से लेकर थानेदार तक संहिता को समझते दिखाई दिए।
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एक जुलाई से नए कानून लागू किए जाने के साथ ही थाना टूंडला क्षेत्र के गांव उसायनी निवासी राजू जैन ने तहरीर दी कि सोमवार को तीन बजे घर पर ऑमलेट बना रहे थे।
इसको लेकर भाई अनमोल जैन ने घर में अंडा बनाने से रोकने के साथ गाली गलौज की। गाली देने से रोका तो बेल्ट से पिटाई की। बचाने के लिए पत्नी आई तो उसको भी पीट दिया। राजू जैन की तहरीर पर उसके भाई अनमोल जैन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115, 352, 351 (2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसपी सिटी सर्वेशचंद्र मिश्रा ने कहा कि थाना टूंडला के ग्राम उसायनी में दो भाइयों के बीच मारपीट का पहला मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज किया है।
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दूसरा मामला थाना जसराना में खेरिया अहमद निवासी विकास पुत्र पद्म सिंह की तहरीर पर दर्ज किया है। एसपी देहात कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि एक जुलाई को शाम को 6.30 बजे घर से बनवारा सामान लेने के लिए आया था। वापस लौटते समय मुहम्मदपुर गांवके समीप थाना क्षेत्र के गांव पट्टी निवासी धनपाल एवं इनके पुत्र भुवनेश,पवनेश उर्फ गौरव एवं भंवरा ने लाठी,ड़ंडा एवं सरिया से पुलिस ने चारों के खिलाफ धारा 115 (2), 352, 351 (2) के तहत मामला दर्ज किया है। सीओ सिटी हिमांशु गौरव ने कहा कि सिटी सर्किल में नई संहिता के तहत कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।




अधिवक्ता भी एक-दूसरे से मंथन करते दिखाई दिए

थानों में मुंशी ही नहीं बल्कि जनपद न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ जूनियर अधिवक्ता नई संहिता की जानकारी करते दिखाई दिए। इतना ही नहीं नई संहिता में क्या-क्या बदलाव किया गया है इसकी जानकारी दी गई। साफ कहा कि एक जुलाई के बाद होने वाली घटनाओंं में नई संहिता के तहत मामले दर्ज होंगे। जबकि पुराने मामलों में पुरानी धाराओं के तहत ही सुनवाई होगी। बार के महासचिव योगेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि नई संहिता को समझना जरूरी है।
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