फिरोजाबाद। थाना लाइनपार क्षेत्र के एक मोहल्ले से 14 वर्षीय अनुसूचित जाति की किशोरी को बहलाकर ले जाने और उसके साथ लगातार दुष्कर्म करने के मामले में एडीजे पॉक्सो कोर्ट-1 करुणा सिंह की अदालत ने सोमवार को बरेली निवासी आरोपी सुमित कुशवाह को दोषी करार दिया। साथ ही आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मूल रूप से भाट, थाना अलीगंज, जनपद बरेली का रहने वाला सुमित कुशवाह लाइनपार थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में अपनी मौसी के घर रहता था। इस दौरान उसकी जान-पहचान पड़ोस में रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी से हो गई थी और वह उससे फोन पर बात करने लगा था।
6 अप्रैल 2024 की रात सुमित ने किशोरी की मां के मोबाइल पर कॉल किया और बहलाकर उसे अपने साथ ले गया। अगले दिन सुबह जब परिजन ने बेटी को गायब देखा तो खलबली मच गई। मां के फोन की कॉल डिटेल जांचने पर सुमित का नंबर मिला। इसके बाद किशोरी के पिता ने थाना लाइनपार में आरोपी सुमित के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने कुछ दिन बाद किशोरी को सकुशल बरामद कर आरोपी सुमित को गिरफ्तार किया था। किशोरी ने अपने बयानों में बताया कि सुमित उसे कई स्थानों पर ले गया, जहां उसने उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। विरोध करने पर वह जातिसूचक गालियां व अपशब्द भी बोलता था। चिकित्सीय परीक्षण में भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर पुलिस ने पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। ट्रायल के दौरान कोर्ट में पीड़िता के बयान, चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट और परिजन की गवाही आरोपी को कानून के शिकंजे में कसने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सुमित को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई।